एक बार फिर हुई पाक की किरकिरी; होना पड़ा बेइज्ज़ती का शिकार, विश्व बैंक ने दी भारत की बात मानने की सलाह

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पाकिस्तान को एक बार फिर से वर्ल्ड लेवल पर किरिकिरी का शिकार होना पड़ा है. इससे वो बौखला गया है. असल में, किशनगंगा बांध परियोजना मसले में भारत की शिकायत लेकर वर्ल्ड बैंक पहुंचे पाकिस्तान को भारत का प्रस्ताव स्वीकार करने की राय दी गई है. 

ज्ञात हो कि पाकिस्तान द्वारा इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट में ले जाया गया था, जहां भारत ने एक निष्पक्ष एक्सपर्ट की नियुक्ति का प्रस्ताव दिया था. मिली जानकारी के अनुसार वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को यह सलाह मान लेनी चाहिए और उसे इस विवाद को ICL ले जाने के फैसले को बदल देना चाहिए. 

पाकिस्तान का मानना है कि भारत सिंधु जल समझौते का उल्लंघन करता है. पाकिस्तान की 80 फीसदी कृषि सिंधु नदी के पानी से सींची जाती है. इसलिए पाक मानता है कि बांध बनाने से उसके यहां बहने वाली नदियों का जल स्तर कम हो जाएगा, इसलिए इस मामले की सुनवाई अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में होनी चाहिए. 

वहीं इसी मामले भारत का तर्क है कि सिंधु नदी समझौते से नदी के बहाव या जलस्तर में कोई बदलाव नहीं आएगा. पाकिस्तान से विवाद सुलझाने के लिए एक्सपर्ट नियुक्त किए जाने चाहिए. गौरतलब है कि भारत ने 2007 में पहली बार किशनगंगा पनबिजली परियोजना पर काम शुरू किया था. बाद में पाकिस्तान द्वारा इस मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में ले जाने के बाद तीन साल के लिए इस परियोजना पर रोक लगा दी गई. कोर्ट ने 2013 में फैसला दिया कि किशनगंगा प्रॉजेक्ट सिंधु जल समझौते के मुताबिक है और भारत इसके पानी का प्रयोग कर सकता है. अवगत हो सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पानी का बंटवारा करने के लिए वर्ल्ड बैंक ने यह करार करवाया था.



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