राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों का विरोध जारी, महिला ने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी पर चढ़कर किया प्रदर्शन

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इमिग्रेशन पॉलिसी का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस पर बुधवार को एक महिला स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के बेस पर चढ़ गई और करीब 3 घंटे तक वहां बैठी रही. उसकी मांग थी कि जब तक शरणार्थी शिविर में बंद सभी बच्चे छोड़ नहीं दिए जाते और उन्हें उनके परिवार वालों से मिला नहीं दिया जाता, तब तक वह स्टेच्यू से नहीं उतरेगी. पुलिस अफसरों ने महिला को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. फिर अफसर रस्सी के सहारे ऊपर चढ़े और महिला को जबरन उतारा. बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया. स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 305.6 फीट है. महिला 200 फीट तक चढ़ने में कामयाब हो गई थी.

इस महिला का नाम थेरेसा पैट्रिका ओकोमो है. थेरेसा राइज एंड रेसिस्ट ग्रुप से जुड़ी है. ये ग्रुप ट्रम्प सरकार की इमिग्रेशन पॉलिसी का विरोध कर रहा है. बुधवार को इसने एक रैली का आयोजन किया था. इसी दौरान थेरेसा स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर चढ़ गई. उधर, इस ग्रुप का कहना है कि स्टेच्यू पर चढ़ना प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था. ग्रुप के मार्टिन जोसफ कूइन ने बताया कि थेरेसा ने ऐसा क्यों किया हमें पता नहीं.

न्यूयॉर्क पुलिस ने बताया कि महिला को नीचे उतारने के लिए 16 अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. शुरुआत में उसने हमारी मदद नहीं की, लेकिन हम लगातार महिला की बातों को सुनते रहे. पहले उसने कूद जाने की धमकी भी दी, लेकिन बाद में वह हमारी बात मान गई. लेडी लिबर्टी के बेस पर महिला के चढ़ने की घटना के बाद साइट से करीब 3000 पर्यटकों को लौटा दिया गया. बताया जा रहा है कि 4 जुलाई (स्वतंत्रता दिवस) साल का सबसे ज्यादा व्यस्त दिन होता है. इस दिन यहां करीब 22 हजार पर्यटक आते हैं.



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