दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार के नई बसें खरीदने के फैसले पर कहा- बसें क्या हवा में उड़ेंगी?

दिल्ली : मानसिक बिमारी के चलते मां ने अपनी दो मासूम बच्चियों को मौत के घाट उतारा

ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को द्वारका सेठ ने लगाया 390 करोड़ का चूना, CBI ने दर्ज किया केस

केजरीवाल के विधायक नरेश बालियान का विवादित बयान, कहा- ऐसे अधिकारियों को ठोकना चाहिए

मुख्य सचिव मारपीट मामला: केजरीवाल के घर से CCTV फुटेज जब्त, अमानतुल्लाह-जारवाल की जमानत याचिका खारिज

थप्पड़कांड पर केजरीवाल का पलटवार- इतनी शिद्दत! क्या लोया केस में अमित शाह से भी होगी पूछताछ?

अरविंद केजरीवाल के सामने विधायकों की गुंडागर्दी, दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ की हाथापाई, हड़ताल पर गए सरकारी अफसर

2018-02-08_lack-of-parking-space.jpg

एक हजार लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के केजरीवाल सरकार के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने बसों की पार्किंग के मुद्दे पर सरकार से पूछा है कि ‘क्या ये बसें हवा में उड़ेंगी’? दिल्ली हाईकोर्ट में एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने कहा कि ‘नई बसें लाने से पहले दिल्ली सरकार के पास बसों को पार्क करने का प्लान होना चाहिए’. इसपर दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम ने कहा कि नई बसों को पार्क करने के लिए जगह मौजूद है और इसके लिए अलग से पार्किंग बनाने की कोई जरुरत नहीं है.

कोर्ट ने लो फ्लोर बसों की खरीद पर दिल्ली सरकार से एक टाइमलाइन पेश करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि ‘पार्किंग के लिए जगह खरीदना बसें या आलू खरीदने के समान नहीं है’. दिल्ली सरकार ने पहले स्टैंडर्ड फ्लोर की सीएनजी बसे लाने का फैसला किया था जिसे बाद में लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों से बदल दिया गया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने पार्किंग के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार को तीन सप्ताह के अंदर एक्शन प्लान जमा करने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि सरकार ने बिना ये प्लान फाइनल किए कि नई लो फ्लोर एक हजार बसें कहां पार्क होंगी, बस खरीदने का ऑर्डर दे दिया. कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार ने 28 फरवरी तक पार्किंग का प्लान जमा नहीं कराया तो कोर्ट बसों को खरीदने के ऑर्डर पर स्टे लगा सकता है और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है.



loading...