दीपावली 2017 : क्यों मनाई जाती है दिवाली? जानिए कुछ पौराणिक रोचक कथाएं

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दीपावली प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है. इस बार यह 19 अक्टूबर को पूरे हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. यह त्यौहार 5 दिनों (धनतेरस, नरक चतुदर्शी, अमावश्या, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा, भाई दूज) का होता है, इसलिए यह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज पर खत्म होता है. आइए जानते हैं कि इस बड़े पर्व दीपावली महत्व क्या है और क्या है इसके पीछे की कहानी? हम आपको बताने जा रहे हैं दिवाली के बारे में प्रचलित कुछ रोचक बातें.

कथा-1 :

भगवान राम जब रावण को मारकर अयोध्या नगरी वापस आए, तब नगरवासियों ने अयोध्या को साफ-सुथरा करके रात को दीपकों की ज्योति से दुल्हन की तरह जगमगा दिया था. तब से आज तक यह परंपरा रही है कि, कार्तिक अमावस्या के गहन अंधकार को दूर करने के लिए रोशनी के दीप प्रज्वलित किए जाते हैं.

कथा-2 :

जब देवताओं और राक्षसो द्वारा समुद्र मंथन चल रहा था, तब कार्तिक अमावस्या पर देवी लक्ष्मी क्षीर सागर (दूध का लौकिक सागर) से ब्रह्माण्ड मे आई थी. तभी से माता लक्ष्मी के जन्मदिन की उपलक्ष्य मे दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है.

कथा-3 :

दिवाली के एक दिन पहले नरक चतुर्दशी मनाते हैं, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण ने इस दिन नरकासुर का वध किया था. नरकासुर एक पापी राजा था, यह अपने शक्ति के बल से देवताओं पर अत्याचार करता था और अधर्म करता था. उसने सोलह हजार कन्याओं को बंदी बनाकर रखा था. इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया. बुराई पर सत्य की जीत पर लोगो ने अगले दिन उल्लास के साथ दीपक जलाकर दीपावली का त्यौहार मनाया.



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