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भाजपा और जेडीयू गठबंधन के बाद से बिहार में राजनीति उठक-पटक जारी है. रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा मंगलवार को अचानक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे. इसके बाद उन्होंने दिल्ली में अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस की. इसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि वह मध्यप्रदेश में किसी भी दल से गठबंधन के मूड में नहीं हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपने 66 प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर दी है.

हालांकि उनकी प्रेस कांफ्रेंस से पहले यह माना जा रहा था कि वह मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. आपको बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा ने लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान से भी मुलाकात की है. इसके बाद ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे.

आपको बता दें कि सीट बंटवारे को लेकर उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली आए हैं और आज उनकी मुलाकात भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से होनी थी. लेकिन इससे पहले कुशवाहा ने आज बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है. इस बीच, उन्होंने बताया कि बिहार लोकसभा चुनाव के लिए तीन सीटों की मांग की थी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे पर बात अभी फाइनल नहीं हुई है. यह स्थिति अगले दौर में साफ होगी कि किसे कितनी सीटें मिलेंगी.

उपेंद्र कुशवाहा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि किसी भी संस्था में लाभ-हानि का बंटवारा संस्था के सभी सदस्यों को झेलना पड़ता है. ऐसा नहीं होता है कि लाभ हुआ तो आपका और घाटा हुआ तो मेरा. उन्होंने कहा कि मैंने भूपेंद्र यादव से कहा, हमारी हिस्सेदारी सिर्फ लाभ में ही नहीं बल्कि हानि में भी होनी चाहिए. अगर बिहार में एनडीए में जेडीयू के आने से बड़ी जीत मिली तो खुशी सबकी लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए सीटों की संख्या कम हो गईं तो उसका नुकसान केवल हम ही क्यों झेलें, ऐसा नहीं होना चाहिए.



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