मिशेल के प्रत्यर्पण से डरकर फिर बोला माल्या- प्लीज पैसे ले लो, चोर मत बोलो

हामिद निहाल अंसारी की हुई वतन वापसी, वाघा-बार्डर पर धरती चूमकर ली एंट्री

CBI विवाद: बिचौलिये मनोज प्रसाद को कोर्ट से मिली जमानत, जानें- पूरा मामला

पीएम मोदी ने कहा- क्या किसी ने सोचा था 1984 दंगों के दोषियों को सजा मिलेगी, राफेल पर कांग्रेस को दिया करारा जवाब

राहुल गांधी ने कहा- किसानों की कर्ज माफी तक पीएम मोदी को न सोने दूंगा न बैठने दूंगा, नोटबंदी दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला

शीतकालीन सत्र: राफेल और सिख दंगो के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल, लोकसभा कल तक के लिए स्थगित

1984 सिख दंगो में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद सज्जन कुमार ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा

2018-12-06_VijayMallya.jpg

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने आज फिर कहा है कि उसके प्रत्यर्पण के फैसले को लेकर कई तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. जो कि एक अलग मामला है और वह पूरा पैसा लौटाने को तैयार हैं. यह बात उन्होंने ट्वीट में कही. उन्होंने आगे कहा कि वह इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके प्रत्यर्पण का निर्णय या दुबई से हालिया प्रत्यर्पण या फिर समझौता प्रस्ताव आपस में कैसे जुड़े हैं. 

माल्या ने कहा, "जहां कहीं भी मैं फिजिकली उपस्थित हूं, मेरी अपील है कृपया ले लें. मैं इस बात को खत्म करना चाहता हूं कि मैंने पैसा चुराया है." भारतीय बैंकों का अरबों रुपये लेकर ब्रिटेन भागे माल्या का ये बयान क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण के चंद घंटे बाद ही आया है. माल्या के प्रत्यर्पण पर फैसला चार दिन बाद आने वाला है. किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिये भारत सरकार से इस पेशकश को स्वीकार करने का निवेदन किया. वह अभी ब्रिटेन में जमानत पर बाहर है.

आपको बता दें कि भारत का करीब 9000 करोड़ रुपये लेकर देश से भागे 62 वर्षीय माल्या के प्रत्यर्पण पर 10 दिसंबर को ब्रिटिश कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया जाना है. हालांकि कारोबारी ने कहा कि प्रत्यर्पण की कार्यवाही का मामला अलग है. माल्या प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. कारोबारी का कहना है कि नेताओं और मीडिया ने उसे गलत तरीके से ‘डिफॉल्टर’ के रूप में पेश किया है.

इससे पहले बुधवार को माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि वह अपराधी नहीं हैं. उन्हें भारत में अपराधी माना जा रहा है, तीन दशक तक किंगफिशर ने भारत में कारोबार किया है. इस दौरान उन्होंने कई राज्यों की मदद भी की है. उन्होंने कहा कि किंगफिशर एयरालाइंस के लगातार घाटे में जाने से उन्हें दुख है. वह सभी बैंकों का मूलधन देने के लिए तैयार हैं लेकिन ब्याज नहीं दे सकते. बैंकों को इसे लेना चाहिए.

विजय माल्या ने बुधवार को एक के बाद एक ट्वीट कर दावा किया कि वह 2016 से ही बैंकों की बकाया राशि चुकाने की पेशकश कर रहा था. उसने कहा कि विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में वृद्धि के कारण किंगफिशर एयरलाइंस का घाटा बढ़ता गया और बैंकों का पैसा इसी में जाता रहा.
 



loading...