सेना के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखने की खबर का पूर्व सैन्य अधिकारियों ने किया खंडन

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पूर्व सेना प्रमुखों ने सशस्त्र सेनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर राष्ट्रपति को लिखी गई चिट्ठी को गलत बताया है. पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेना के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक इस्तेमाल से जुड़ी चिट्ठी राष्ट्रपति को नहीं लिखी है. आपको बता दें कि खबर के मुताबिक एक चिट्ठी में सेना के 8 पूर्व प्रमुखों और 148 अन्य पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर सशस्त्र सेनाओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर आक्रोश जताया है.
पत्र पर जिन लोगों के हस्ताक्षर हैं उनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एसएफ रोड्रिग्ज, जनरल (सेवानिवृत्त) शंकर रॉयचौधरी और जनरल (सेवानिवृत्त) दीपक कपूर, भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) एनसी सूरी शामिल हैं.

हालांकि पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एसएफ रोड्रिग्ज ने इस तरह के किसी पत्र से इंकार किया है. उन्होंने कहा, 'सर्विस के दौरान जो भी सरकार होती है हम उसका ऑर्डर फोलो करते है, सेना का राजनीति से कोई लेना देना नहीं होता है, कोई कुछ भी कह सकता है और उसे फेक न्यूज बनाकर बेच सकता है. मैं नहीं जानता कि वो कौन लोग हैं जिन्होंने यह सब लिखा है.'

आज पूर्व एयर चीफ मार्शल एनसी सूरी ने इससे इंकार किया है, एनसी सूरी ने कहा, 'इस चिट्ठी में जो कुछ भी लिखा है मैं उससे सहमत नहीं हूं. हमारी बात को गलत ढंग से पेश किया गया है.' इस कथित चिट्ठी में 20वें नंबर जिनका नाम है उन पूर्व वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एमएल नायडू ने कहा, 'नहीं, ऐसे किसी पत्र के लिए मेरी सहमति नहीं ली गई है ना ही मैंने ऐसा कोई पत्र लिखा है.'



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