वाराणसी फ्लाईओवर: शुरू हुई हादसे की जांच,जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरी गाज, चार हुए ससपेंड, दर्ज हुआ मुकदमा

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वाराणसी में हुए फ्लाईओवर हादसे की जांच बुधवार सुबह से शुरू हो गई है. आनन-फानन में वाराणसी के सिगरा थाने में सस्पेंड अफसरों पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया. सिगरा इंस्पेक्टर की तहरीर पर सिगरा थाने में सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक, पर्यवेक्षण अधिकारी सहित अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया. मंगलवार शाम ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आदेश पर चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था.

इस विकराल हादसे को मुख्यमंत्री योगी खुद बेहद गंभीर हैं. हादसे की जानकारी के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने तत्काल जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी. वो खुद मंगलवार की रात वाराणसी पहुंचे और घटना के कारणों की जांच की. 

इसके साथ ही मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम अपने काम में जुट गई है. सभी जरुरी मानकों से जांच की जा रही है. ड्रोन से फोटोग्राफी कराई गई है. पीएमओ लगातार घटना को लेकर अपडेट ले रहा है. मुख्यमंत्री ने जांच दल से 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है. कहा जा रहा है कि जांच में कई और अफसरों पर गाज गिरनी तय है.  

निर्माण कार्य के समय राहगीरों की सुरक्षा के प्रति गंभीरता न बरतने, ट्रैफिक वालेंटियर्स को तैनात न करने, अराजकतापूर्ण तरीके से कार्य करने के आरोप में 19 फरवरी को सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक के खिलाफ सिगरा थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया था. इस बात को नज़रअंदाज़ करते हुए सिगरा पुलिस ने कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया था.

वाराणसी डीएम ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया. शवों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए सरकारी व्यवस्था की जा रही है. आपको बता दें कि दो वर्ष के बाद यह ऐसा पहला अवसर था जब एक साथ 15 शवों का पोस्टमार्टम हुआ.

एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने इस साल जनवरी से फरवरी के बीच चौकाघाट फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का तीन बार निरीक्षण किया था. एसएसपी ने सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक को कहा था कि लहरतारा से अंधरापुल के बीच 30 ट्रैफिक वालंटियर्स तैनात किए जाएं. प्रोटेक्शन वॉल को और अंदर की ओर किया जाए. निर्माण कार्य ऐसे हो कि जाम न लगे और मलबा तत्काल हटा लिया जाया करे. नियमों की अनदेखी की गयी. जिसने इस गंभीर हादसे को अंजाम दिया.



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