उत्तराखंड के पौड़ी-गढ़वाल में बस के गहरी खाई में गिरने से 48 की मौत, हादसे की असली वजह आई सामने

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रविवार की सुबह खुशी-खुशी जा रहे 48 लोगों को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का अखिरी सफर बन जाएगा. बस में 61 लोग सवार थे, जिनमें से 48 लोगों की मौत हो गई है.

उत्तराखंड के पौड़ी-गढ़वाल में रविवार की सुबह हुए एक बड़े हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. हादसे में घायल एक यात्री ने दुर्घटना की वजह बताई है. इस बस हादसे में 13 लोग घायल हुए हैं. सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर बस पौड़ी-धूमाकोट नैनीडांडा इलाके में पिपली-भौन मोटर मार्ग पर खाई में जा गिरी. बस भौन से रामनगर जा रही थी. घायल यात्रियों को रामनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
इस हादसे में बस मालिक की भी मौत होने की खबर है. वहीं हादसे में घायल शीशपाल सिंह ने हादसे की वजह बताई है. शीशपाल ने कहा कि पुल पार करते वक्त गड्ढे से बचते वक्त बस अनियंत्रित हुई और खाई में जा गिरी. इतना होने के बाद शीशपाल बेहोश हो गए. इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं है.

इस हादसे पर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गहरा दुख जताया है.

वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपए, घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि अविलम्ब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर घायलों को उपचार के लिए देहरादून लाने के लिए हेलीकॉप्टर का भी प्रयोग किया जाएगा.

धुमाकोट में भौन-पीपली मार्ग पर हुई बस हादसे पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत, कोटद्वार के पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, कांग्रेस नेत्री ज्योति रौतेला, पूर्व मंत्री टीपीएस रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ती रावत और जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला ने गहरा दुख जताया है. राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पहाड़ में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्कता जताई. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.



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