सुप्रीम कोर्ट: RTI के तहत सिविल सर्विस एग्जाम के नंबर नहीं होंगे सार्वजनिक

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिविल सर्विस (प्री) एग्जाम के अंकों का खुलासा RTI के तहत नहीं किया जा सकता. इस आदेश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को पलट दिया जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट ने UPSC को आदेश दिया था कि वो नंबरों को सार्वजनिक करे.

जस्टिस ए के गोयल और यू यू ललित की बेंच ने पहले तो यूपीएससी की अपील पर सुनवाई को मंजूर किया. इस अपील में कहा गया था कि नंबर्स को सार्वजनिक करना एग्जामिनेशन सिस्टम की ईमानदारी से समझौता करना होगा और लेागों को इसके लिए प्रयोग किए जाने वाले स्केलिंग सिस्टम का पता चलेगा.

कमीशन ने कहा था कि उत्तर पुस्तिका में किए गए करेक्श्शंस से कैंडिडेट्स के दिमाग में शक उत्पन्न होता है. इसके बाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चली. सुनवाई के बाद फैसला देते हुए बेंच ने कहा कि RTI के जवाब में किसी के भी अंकों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.

कोर्ट ने कहा कि नंबर्स को सार्वजनिक करने का गहरा नकरात्मक असर मूल्यांकन प्रक्रिया पर पड़ सकता है. ये सिस्टम की अखंडता के साथ समझौता करने जैसा होगा.

पांच साल पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया था कि वो सिविल सर्विस के प्रिलिम्स परीक्षा में कैंडिडेट के नंबर को सार्वजनिक करे.



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