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अनुच्छेद 370: UN सचिव ने कहा- हालात पर हमारी नजर, भारत-पाक संयम बरतें

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को भारत और पाकिस्तान से संयम बरतने को कहा है. साथ ही दोनों देशों को जम्मू-कश्मीर की स्थिति को प्रभावित करने वाले कदम उठाने से परहेज करने का आग्रह किया. उन्होंने शिमला समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कोई भी तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं कर सकता. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कश्मीर मसले पर मध्यस्थता करने की बात कही थी, हालांकि भारत ने इससे इनकार कर दिया.

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि महासचिव जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने दोनों देशों को शांति बनाए रखने को कहा है. महासचिव ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए 1972 के शिमला समझौते के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को लेकर कोई भी फैसला शांतिपूर्ण तरीकों से ही किया जाना है. 

भारत सरकार ने सोमवार को अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी कर दिया था. साथ ही लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था. पाकिस्तान ने भारत के इस कदम को एकतरफा और अवैध करार दिया था. साथ ही मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में ले जाने की बात कही थी.

दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी शुक्रवार सुबह चीन के लिए रवाना हो गए. कुरैशी अपने चीनी समकक्ष वांग यी और अन्य नेताओं से मिलेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान कश्मीर मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. विदेश सचिव सोहेल भी उनके साथ गए हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगा था. उन्होंने कहा था कि कश्मीरियों के खिलाफ अधिक से अधिक सैन्य बल का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. कश्मीर में कर्फ्यू हटाए जाने के बाद कश्मीरियों के साथ क्या होगा, यह देखने के लिए पूरी दुनिया इंतजार कर रही है. भाजपा सरकार कश्मीरियों के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल करके सोचती है कि उनके स्वतंत्रता आंदोलन को रोक देगा. घाटी में भय का माहौल है.

पाक ने कहा कि वह भारत के अनुच्छेद 370 पर लिए गए फैसले के खिलाफ हर संभव कोशिश करेगा. पाकिस्तान ने बुधवार को भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को खत्म करने और राजनयिक संबंधों में कटौती करने का फैसला किया था. भारत ने गुरुवार को पाक से अपने फैसले की एक बार फिर समीक्षा करने की बात कही थी.



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