हेगड़े ने धर्मनिरपेक्ष लोगों का मजाक उड़ाया, कहा: ऐसे लोग अपनी जड़ों से होते हैं अनजान

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केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने सेक्युलेरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) के मुद्दे पर विवादास्पद बयान दिया। कर्नाटक में हेगड़े ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील होने का दावा वे लोग करते हैं, जिन्हें अपने मां-बाप के खून का पता नहीं होता। लोगों को अपनी पहचान सेक्युलर के बजाय धर्म और जाति के आधार पर बतानी चाहिए। हम संविधान में संशोधन कर सेक्यूलर शब्द हटा सकते हैं। बता दें कि हेगड़े ने पिछले साल भी इस्लाम को लेकर अपमानजनक कमेंट किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

कोप्पल जिले में यलबुर्गा में ब्राह्मण युवा परिषद् और महिलाओं के प्रोग्राम में कौशल विकास राज्यमंत्री हेगड़े ने कहा, सेक्युलर लोग नहीं जानते कि उनका खून क्या है। हां संविधान यह कहने का अधिकार देता है कि हम सेक्यूलर हैं और कहेंगे भी। लेकिन संविधान में कई बार संशोधन हो चुका है, हम इसे भी हटाएंगे, इसलिए सत्ता में हैं। अगर आप कहते हैं कि मैं एक मुस्लिम, ईसाई, लिंगायत, ब्राह्मण या हिंदू हूं। ऐसे में हम अपने धर्म और जाति से जुड़े होने पर गर्व महसूस करते हैं। लेकिन ये सेक्युलर कौन लोग हैं? इनका कोई माईबाप नहीं।

हेगड़े के बयान पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ''मंत्री ने संविधान नहीं पढ़ा है। वह संसदीय या राजनीतिक भाषा नहीं जानते। हेगड़े पंचायत पद के काबिल भी नहीं हैं।’'

यह पहला मौका नहीं है जब हेगड़े ने कोई विवादित बयान दिया। इस्लाम को लेकर अपमानजनक बयान देने पर उनके खिलाफ केस दर्ज हो चुका है।  नवंबर में उन्होंने कर्नाटक सरकार की ओर से आयोजित टीपू जयंती कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया था। यहां बीजेपी ने मैसूर के शासक को हिंदू विरोधी बताकर विरोध प्रदर्शन किया था। 

बता दें कि कर्नाटक में 2018 में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में अभी कांग्रेस की सरकार है और सिद्धारमैया मुख्यमंत्री हैं।



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