आधार से पहचान की पड़ताल का बदलेगा तरीका, 16 अंक वाले वर्चुअल आईडी आएंगे अमल में

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आधार धारकों की निजता और सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए यूआईडीएआई आधार धारकों के लिए वर्चुलअल आईडी लाने जा रहा है। यूआईडीएआई आधार कार्ड धारकों को वर्चुलअल आईडी जारी करेगा। यूआईडीएआई के मुताबिक इससे आधार कार्ड धारकों को किसी भी सत्यापन के लिए अपने आधार नंबर देन की जरूरत नहीं पड़ेगी। सत्यापन के लिए उन्हें सिर्फ अपने वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करना पड़ेगा। 

यूआईडीएआई की इस पहल का असर ये होगा कि इससे वो एजेंसी बाहर हो जाएंगी जो आधार नंबर स्टोरेज करती हैं। सभी एजेंसी को नई व्यवस्था को 1 जून 2018 तक लागू करना होगा। 

कुछ दिनों पहले ही एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी खबर में आधार डाटा को बेचे जाने का दावा किया है। अखबार ने व्हॉट्सऐप पर एक गुमनाम विक्रेता से एक सेवा खरीदने का दावा किया है। यह विक्रेता मजह 500 रुपये अदा करने पर देश में अब तक बने 1 अरब आधार कार्ड की जानकारी को निर्बाध रूप से मुहैया कराता है। इस जानकारी में आधार कार्ड बनवाने वाले का नाम, पता, पिन नंबर, फोटो, फोन नंबर और ईमेल आईडी शामिल हैं।

हालांकि केंद्र सरकार और आधार कार्ड जारी करने वाली सरकारी एजेंसी यूआईडीएआई ने दावा किया कि आधार का डाटा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे कोई लीक नहीं कर सकता, ना ही इसे चुराया जा सकता है। 



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