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परदादा ने की थी जिस यूको बैंक की स्थापना, उसी ने पड़पोते यश बिड़ला को घोषित किया विलफुल डिफॉल्टर

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बिड़ला परिवार से जुड़े यशोवर्धन बिड़ला को यूको बैंक ने डिफॉल्टर घोषित कर दिया है. बैंक ने कहा है कि यश बिड़ला की कंपनी बिड़ला सूर्या लिमिटेड पर 67.55 करोड़ रुपये का बकाया है.

यूको बैंक ने कहा है कि यश बिड़ला की कंपनी को बैंक की तरफ से 100 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट थी. इस लिमिट में 67 करोड़ रुपये और उस पर लगने वाला ब्याज अभी देय है. यह लोन 2013 में एनपीए घोषित किया जा चुका है. नियमों के मुताबिक अगर कोई प्रमोटर विलफुल डिफॉल्टर के रूप में वर्गीकृत कर दिया जाता है, तो ऐसी स्थिति में वो जिस भी कंपनी का निदेशक है उसकी फंडिंग के साधनों पर रोक लगा दी जाती है. बैंक के कई नोटिस मिलने के बावजूद कंपनी ने कर्ज नहीं चुकाया.

बैंक ने कंपनी के डायरेक्टर, प्रमोटर और गारंटरों को भी विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है. इसके अलावा कंपनी अगले पांच साल तक कोई नई फैक्ट्री या फिर व्यापार को शुरू नहीं कर सकती है. बैंक ने इसके अलावा 655 अन्य कंपनियों को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया है. इन कंपनियों में जूम डेवलपर्स (309.50 करोड़ रुपये), फर्स्ट लीजिंग कंपनी ऑफ इंडिया (142.94 करोड़ रुपये), मोजर बेयर इंडिया (122.15 करोड़ रुपये) और सूर्या विनायक इंडस्ट्रीज (107.81 करोड़ रुपये) शामिल हैं.

बिड़ला समूह के पास एक दर्जन से भी ज्यादा कंपनियां हैं. इनमें जेनिथ स्टील, बिड़ला पॉवर, बिरला लाइफ स्टाइल आदि प्रमुख हैं. इस समूह की ज्यादातर कंपनियां इस समय बुरे दौर से गुजर रही हैं. बीते साल इस समूह की कुछ कंपनियों पर फंड डाइवर्जन के आरोप भी लग चुके हैं. जिसके लिए ये कंपनियां जांच के दायरे में आ गई हैं. इसके बाद कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों ने आरोप लगाया था कि कंपनी उनके पैसे नहीं लौटा रही है.

इस पूरे घटनाक्रम में बिडंबना ये है कि जिस यूको बैंक ने यश बिड़ला को डिफॉल्टर घोषित किया है, उसकी स्थापना यश के पूर्वजों ने ही की थी. घनश्याम दास बिड़ला के भाई रामेश्वर बिड़ला, अशोक बिड़ला के पर दादा थे. यश बिड़ला, अशोक बिड़ला के ही बेटे हैं.



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