जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती के 3 MLA ने किया विद्रोह, बीजेपी में हो सकते हैं शामिल

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जम्मू कश्मीर सरकार से बीजेपी के हाथ खीचने के बाद सीएम पद से इस्तीफा दे चुकी महबूबा मुफ्ती के लिए सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. महबूबा मुफ्ती को डर है कि उनके पार्टी के कई विधायक टूट न जाएं. पार्टी के 3 विधायकों ने उनके खिलाफ बयान दिया है. तीनों विधायकों का आरोप है कि महबूबा की वजह से ही गठबंधन बीजेपी-पीडीपी का गठबंधन टूटा है.

सूत्रों के अनुसार, राज्य में एक ऐसे फ्रंट की संभावना बनती दिख रही है, जो कि पीडीपी और नेशन कांफ्रेंस का अल्टरनेटिव हो. इसमें ऐसा समीकरण तैयार करने की कोशिश हो रही है कि बीजेपी सरकार बना ले और बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंच जाए. आपको बता दें कि 89 सीटों वाले राज्य में बीजेपी के पास 25 विधायक हैं, जबकि पीडीपी के पास 28 विधायक हैं. दोनों ही पार्टी बहुमत के 45 के आंकड़े से काफी दूर हैं. बीजेपी ने पिछले महीने से गठबंधन तोड़ा हैं. बीजेपी ने पीडीपी के साथ सरकार चलाने में असमर्थता दिखाई थी. बाद में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि राज्य के तीनों रीजन में विकास नहीं हो पा रहा था. केंद्र सरकार की योजनाएं भी सही तरीके से लागू नहीं हो पा रही थीं.

आपको बता दें कि मुफ्ती सरकार में मंत्री रह चुके इमरान अंसारी ने महबूबा पर आरोप लगाया था कि पीडीपी और बीजेपी गठबंधन उनकी अक्षमता की वजह से टूटा. इसके कुछ ही घंटे बाद विधायक मोहम्मद अब्बास वानी इमरान अंसारी के समर्थन में खड़े दिखे. उन्होंने कहा कि इमरान पूरी तरह से सही हैं. आपको बता दें कि इमरान के अंकल और विधायक आबिद अंसारी पहले ही महबूबा के खिलाफ बयान दे चुके हैं. सूत्रों के अनुसार, कुछ और विधायक इस बगावत में शामिल हो सकते हैं.

अंसारी ने आरोप लगाया कि महबूबा ने सिर्फ पीडीपी को एक पार्टी के तौर पर ही फेल नहीं घोषित किया, बल्कि मुहम्मद सईद के सपने को भी तोड़ दिया. आपको बता दें कि अंसारी की बीजेपी से नजदीकी देखने को मिली है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मुफ्ती भाई-भतीजावाद करती हैं. उन्होंने कहा कि गठबंधन की सरकार एक परिवार का शो बनकर रह गया था. इसे भाई, अंकल और रिश्तेदार चला रहे थे. पीपुल डेमोक्रेटिक पार्टी, फैमिली डेमोक्रेटिक पार्टी बनकर रह गई थी.



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