ताज़ा खबर

OMG! 150 साल पुराने इस किले में आज भी गूंजती है 7 लड़कियों की चींखें, जानें क्यों

बिना कपड़ों के गुफा में रहता है यह शख्स, मिलने के लिए देश-विदेश की आती हैं लड़कियां

पेरेंट्स जिसे 4 साल तक बेटी समझते रहे वह निकला बेटा, पूरी बात सुनकर चौक जायेंगे आप

इस देश में शादी के बाद 3 दिनों तक दुल्हा-दुल्हन के टॉयलेट जाने पर है रोक, वजह जानकर चौक जायेंगे आप

ग्रेजुएशन की डिग्री लेने के बाद यह लड़की सीधे पहुंची 14 फीट के मगरमच्छ के साथ फोटो खिचाने, तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल

Video: इस महिला ने सुन्दर दिखने के लिए किया यह अजीबोगरीब काम, देखने के बाद लोगों ने की निंदा

गाय के गोबर से नीदरलैंड में बन रही फैशनेबल ड्रेस, स्टार्टअप करने वाली जलिला एसाइदी को मिला अवार्ड

2017-11-13_talhebat54.jpg

ये किला आज भी 7 लड़कियों की चीखों का गवाह है. यहां के लोगों का कहना है कि वे पिछले 150 वर्ष से इन लड़कियों की चीखों को सुन रहे हैं. इस वजह से लोग यहां पैर रखने से भी डरते हैं.

इस किले का इतिहास 150 साल पुराना बताया जाता है. इस किले के दरवाजे पर इन 7 लड़कियों की पेटिंग बनी है. इतिहासकार भी इस किले से जुड़ी खौफनाक कहानी को सच मानते हैं.

जानकारी के मुताबिक , ललितपुर के तालबेहट का किला 1850 में मर्दन सिंह ने बनवाया था. राजा मर्दन सिंह ने 1857 की क्रांति में रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया था. उन्हें आज भी क्रांतिवीर के रूप में याद किया जाता है. तालबेहट के किले को मर्दन सिंह ने अपने पिता प्रहलाद सिंह के लिए बनवाया था. इतिहासकारों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन तालबेहट राज्य की 7 लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने गई थीं. तब राजा के पिता प्रहलाद किले में अकेले थे.

लड़कियों की खूबसूरती देखकर उनकी नीयत खराब हो गई और उन्होंने सातों लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बना लिया. लड़कियों ने इस घटना से आहत होकर महल के बुर्ज से कूदकर जान दे दी थी. कहते हैं आज भी उन 7 लड़कियों की आवाजें तालबेहट फोर्ट में सुनाई देती हैं. यह घटना अक्षय तृतीया के दिन हुई थी, इसलिए आज भी यहां यह त्योहार नहीं मनाया जाता.

राजा मर्दन सिंह अपने पिता प्रहलाद की हरकत से आहत हुए. अपने पिता की करतूत का पश्चाताप करने के लिये राजा मर्दन सिंह ने लड़कियों को श्रद्धांजलि के रूप में किले के मेन गेट पर सातों लड़कियों के चित्र बनवाए थे, जो आज भी मौजूद हैं. गांव की शांति के लिए महिलाएं आज भी किले के मुख्य द्वार पर बने सातों लड़कियों के चित्र की पूजा करने जाती हैं.



loading...