बचपन का माहौल पुरुषों के हार्मोन के स्तर को प्रभावित करता है, जानें कैसे

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पुरूषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर क्या होगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि बचपन के दौरान उनके आसपास का माहौल कैसा था। डरहम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें तो जिन पुरूषों का बचपन अधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गुजरता है जैसे कि जहां बहुत अधिक संक्रामक रोगों का खतरा होता है, आगे के जीवन में उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम रहने की संभावना होती है. उनकी तुलना में उन पुरूषों का टेस्टोस्टेरोन का स्तर ज्यादा होता है जिनका बचपन स्वस्थ माहौल में गुजरा.

नेचर इकोलॉजी ऐंड इवॉल्यूशन नाम के शोध में इस परिकल्पना को चुनौती दी गई है कि टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को आनुवांशिकी या प्रजाति नियंत्रित करती है. यह भी पढ़ें: खिचड़ी खाने के ये बेहतरीन लाभ जान आश्चर्यतकित रह जाएंगे आप

टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर प्रोस्टेट एनलार्जमेंट या कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है. ऐसे में शोधकर्ताओं का मानना है कि जोखिम का आकलन करने के लिए पुरूष के बचपन के माहौल पर भी गौर करना चाहिए. यह भी पढ़ें: नहीं टिक पाता उमस भरे मौसम में लड़कियों का मेकअप, ट्राई करें ये 7 टिप्स

शोध में पाया गया कि बांग्लादेशी व्यक्ति जो ब्रिटेन में पले बढ़े उनका टेस्टोस्टेरोन का स्तर उल्लेखनीय रूप से उच्च था बनिस्पत उनके जो बांग्लादेश में पले-बढ़े. यह भी पढ़ें: तपती गर्मी में बालों और स्किन की चमक बरकरार रखने के लिए करें इन ऑयल्स का इस्तेमाल



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