गिरफ्तार आतंकी ने किया खुलासा, भारत पर हमले के लिए लश्कर, जैश और हिजबुल ने मिलाया हाथ

वाजपेयी जी को स्मृीति स्थल पर दत्तक पुत्री नमिता ने दी मुखाग्नि, पंचतत्व में विलीन हुआ शरीर

वाजपेयी जी को स्मृथति स्थल पर दी जा रही है अंतिम विदाई, PM मोदी, राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने श्रद्धांजलि दी

भारी जनसैलाब के साथ अंतिम अटल यात्रा पर वाजपेयी, पैदल ही चल पड़ी मोदी कैबिनेट

अटल बिहारी वाजपेयी अंतिम यात्रा शुरू, शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार

अटल बिहारी वाजपेयी का पार्थिव शरीर बीजेपी दफ्तर पहुंचा, चाहने वालों की बड़ी संख्या में भीड़

वह मेरी आंखों के सामने हैं बिल्कुल स्थिर, जो हाथ मेरी पीठ पर धौल जमाते थे, जो स्नेह से मुझे बाहों में भर लेते थे, वे स्थिर हैं: PM मोदी का ब्लॉग

2018-06-11_kashmir.jpg

जम्मू-कश्मीर के नगरोटा आर्मी कैम्प पर एक बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने वाले जैश ए मोहम्मद के आतंकी आशिक बाबा ने भारत के खिलाफ साजिश को लेकर बड़ा खुलासा किया है. आशिक बाबा के मुताबिक, उसका संगठन भारत को निशाने पर लेने के लिए लश्कर-ऐ-तैयबा और हिजबुल मुजहादिन के साथ मिलकर काम कर रहा है. बता दें कि आशिक बाबा को 5 जून को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसके ऊपर नवंबर 2016 में जम्मू-कश्मीर के नगरोटा आर्मी कैंप पर हमले का आरोप है. इस हमले में 7 जवान शहीद हो गये थे.

पूछताछ में बाबा ने बताया, जैश-ऐ-मुहम्मद कश्मीर आतंकी मुफ्ती वकास ने पुलवाम पुलिस लाइन में साल 2017 में हुए आतंकी हमले का नेतृत्व किया था. इस हमले में 8 जवानों शहीद हो गए थे. NIA ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि इस मामले में आरोपी तीन आतंकी आशिक बाबा, तारिक अहमद दार और मुनीर अल हसन कादरी पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी से लगातार संपर्क में थे.
NIA के मुताबिक, तीनों आतंकी व्हाट्सऐप के वॉइस और टेक्स मैसेज से सीधे मुजफ्फराबाद के मौलाना मुफ्ती अशगर के संपर्क में थे. बता दें मुफ्ती का भांजा वकास दक्षिण कश्मीर में जैस-ए-मुहम्मद का कमांडर था, जिसे सेना पुलवामा में एनकाउंटर में मार गिराया गया था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों पर हमले के षडयंत्र के लिए आतंकी आशिक बाबा साल 2015-17 के बाची में चार बार पाकिस्तान गया था. इस दौरान वह बाघा बॉर्डर से वैध तरीक से पाकिस्तान गया था. इसमें खुलासा हुआ है कि यह यात्रा वह हुर्रियत नेता सैय्यद अली साह गिलानी, गनी भट और मौलाना उमर फारुक के रिफरेंस पर बीजा प्राप्त करके की थी.

भारत आने के बाद आशिक बाबा को निर्देश दिया जाता था कि कैसे और कब उसके पास आतंकियों का ग्रुप पहुंचेगा. कुछ दिनों के बाद उसने तीन आतंकियों के एक ग्रुप को रिसीव किया था. यह टीम जम्मू की यात्रा पर गई. अगले दिन आशिक ने उन्हें हमले की जगह को दिखाया और वापस होटल चला आया. इसके बाद देर रात को आंतकियों ने हमला कर दिया.

  • #


loading...