तेलंगाना विधानसभा चुनाव: गायब ट्रांसजेंडर उम्मीदवार चंद्रमुखी पुलिस थाने पहुंची, मंगलवार से थी लापता

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तेलंगाना विधानसभा चुनाव में राज्य की पहली ट्रांसजेंडर उम्मीदवार एम.चंद्रमुखी बुधवार देर रात पुलिस थाने पहुंची. वह मंगलवार से लापता थीं. तेलंगाना के गोशामहल से बहुजन लेफ्ट फ्रंट की उम्मीदवार चंद्रमुखी मंगलवार तड़के से लापता थीं लेकिन वह बुधवार देर रात अपने वकील और ट्रांसजेंडर समुदाय के कुछ सदस्यों के साथ बंजारा हिल्स पुलिस स्टेशन पहुंची. चंद्रमुखी ने अपने ठिकाने के बारे में पुलिस को जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि वह गुरुवार को अदालत में सारी जानकारी देगी.

हैदराबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को पुलिस को चंद्रमुखी को गुरुवार को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए थे. अदालत ने चंद्रमुखी की मां की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आदेश पारित किया था. इससे पहले चंद्रमुखी की मां की शिकायत पर बंजारा हिल्स पुलिस स्टेशन उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी. तेलंगाना विधानसभा चुनाव में एकमात्र ट्रांसजेंडर उम्मीदवार चंद्रमुखी मंगलवार तड़के जवाहरनगर में अपने घर से लापता हो गई थीं.

उनके समर्थकों के मुताबिक, दो लोग चंद्रमुखी से मिलने उसके घर आए थे. इसके बाद चंद्रमुखी का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया. समर्थकों का कहना है कि उन दोनों लोगों ने चंद्रमुखी को अगवा कर लिया था. सीसीटीवी की जांच के बाद पुलिस ने कहा कि चंद्रमुखी बुधवार को खुद घर से निकली थी और उसे रास्ते में अकेले जाते देखा गया. एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि चंद्रमुखी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने चेहरे को ढक रखा था. पुलिस ने चंद्रमुखी की तलाश के लिए 10 टीमें गठित की थी. कुछ टीमों को अनंतपुर में और कुछ को अन्य जिलों में तैनात किया.

आपको बता दें कि तेलंगाना विधानसभा के लिए 22 नवंबर को गजवेल विधानसभा क्षेत्र से पर्चा भरने के बाद से कथित तौर पर लापता एक उम्मीदवार को मंगलवार को हैदराबाद हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया गया. अदालत ने एक दिन पहले ही पुलिस को उम्मीदवार को पेश करने का निर्देश दिया था. न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति एम सत्यनारायण मूर्ति की खंडपीठ ने सोमवार को पुलिस को निर्देश दिया था कि वह समाजवादी फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे के दिनेश चक्रवर्ती को मंगलवार को सवा दो बजे से पहले अदालत के समक्ष पेश करे.

उन्होंने कोर्ट को बताया था कि अदालत को बताया कि वह न तो गायब हुए थे और न ही किसी ने उनका अपहरण किया था. उन्होंने कहा कि वह सुरक्षित थे. उम्मीदवार ने अदालत को बताया कि उन्होंने स्वैच्छिक रूप से अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया था और उनकी पार्टी को इस बारे में पता है.



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