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ब्लैकबेरी ने लॉन्च किया Blackberry KeyOne स्मार्टफोन, बढ़ा सकते हैं 2024GB तक मेमोरी

आए दिन नए-नए स्मार्टफोन नए-नए फीचर्स के साथ बाजार में उतर रहे हैं. इसी कड़ी में Blackberry ने Blackberry KeyOne स्मार्टफोन लांच किया है. कंपनी ने इसमें स्नेपड्रैगन 625 प्रोसेसर दिया गया है. इसकी कीमत करीब 36000 रुपए रखी गई है. जानकारी के मुताबिक, यह स्मार्टफोन शानदार

299 MBps की राइट स्पीड के साथ लांच हुआ दुनिया का सबसे तेज मैमरी कार्ड

सोनी ने एसएफ जी सीरीज के एसडी कार्ड लॉन्च किए हैं। कंपनी का दावा है कि ये दुनिया में सबसे तेज गति से डाटा ट्रांसफर करने वाले एसडी कार्ड हैं। इन एसडी कार्ड की राइट स्पीड 299 एमबीपीएस है जबकि रीड स्पीड 300 एमबीपीएस है। राइट स्पीड से एसडी कार्ड का प्रदर्शन बेहतर होता है। <

भारत में Lenovo vibe K5 Note स्मार्टफोन की बिक्री हुई शुरू, जानें कीमत और फीचर्स

आज से भारत में लेनोवो वाइब K5 नोट का 64GB वैरिएंट मार्किट में उपलब्ध हो जाएगा. इसे सिर्फ ई-कॉमर्स की वेबसाइट फ्लिपकार्ट से आज रात 12 बजे से खरीदा जा सकता है. लेनोवो वाइब K5 64GB वैरिएंट इंटरनल मेमोरी के साथ 4GB रैम सपोर्ट है. डुअल सिम लेनोवो K5 नोट 6.0 मार्शमैलो एंड्रॉयड पर आध

मेजू ने लॉन्च किया Meizu M5s स्मार्टफोन, 3 जीबी रैम, 13MP कैमरा

चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शानदार साख बना ली है. यही कारण है कि उनकी मार्किट डिमांड भी लगातार बढ़ रही है. खबर है कि चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी मेजू ने अपने घरेलू बाजार में मेजू M5S फोन लॉन्च कर दिया है. जानकारी

अब गूगल मैप्स पर बना सकते हैं पसंदीदा जगहों की लिस्ट

आए दिन नए-नए एप लांच होते हैं, वहीं, कई एप अपने यूजर्स की सुविधा के लिए अपने फीचर्स में बदलाव करते रहते हैं. इसी कड़ी में नई जगह और रास्ते खोजने के लिए इस्तेमाल होने वाले गूगल मैप्स पर नया फीचर जारी हुआ है जिसका नाम लिस्ट्स है. यह फीचर आने के बाद यूजर उन जगहों को मार्क कर सकते

अपने फोन में क्या कर रहा है आपका दोस्त, ऐसे जानें

टेक्नॉलोजी लगातार एडवांस होती जा रही है. जो हमारे लिए सुविधाजनक है, लेकिन सुविधा के साथ-साथ खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं. खबर है कि टेक्नॉलोजी के जरिए अब आप यह भी जान सकते हो कि आपका दोस्त अपने फोन में क्या कर रहा है. दरअसल, एक ऐसी ट्रिक है, जिसके जरिए यह काम काफी आसान है

ओप्पो F1s का नया वेरियंट शुक्रवार को होगा लॉन्च, जानें कीमत

चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो अपने यूजर्स के लिए नया स्मार्टफोन लेकर आ रही है. ओप्पो F1s स्मार्टफोन के रोज गोल्ड वेरियंट की बिक्री शुक्रवार से शुरू होगी. इसकी कीमत 18,999 रुपए तक की गई है. यूजर चाहें तो ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट और अमेजन इंडिया से इस फोन की प्री-बुकिं

भीम एप के जरिए ठगों ने ट्रांसपोर्टर के 1 लाख रुपए निकाले

मोदी सरकार डिजिटल इंडिया को काफी बढ़ावा दे रही है. इस कदम को कारगर बनाने के लिए सरकार ने भीम एप लॉन्च किया था. लेकिन अब इसमें घपले की खबरें आ रही है. खबर है कि बाबूपुरवा में साइबर ठगों ने भीम एप के जरिए ट्रांसपोर्टर के अकाउंट से लाखों रुपए निकाल लिए. जिसके बाद ट्रांसपोर्टर आफ़ता

अब व्हाट्सएप के जरिए जान सकेंगे दोस्तों की लोकेशन

आए दिन व्हाट्सएप कंपनी यूजर्स की सुविधा के लिए अपने एप में बदलाव लाती रहती है, वहीं, वह बदलाव यूजर्स द्वारा पसंद भी किए जाते हैं, इसी कड़ी में कंपनी ने अपने एप में नया बदलाव किया है, जिससे यूजर अपने दोस्तों का लोकेशन भी जान सकेंगे और यह सुविधा रियल टाइम होगी. जानकारी

अब बगैर पिन और पासवर्ड के ATM से निकलेंगे पैसे, जानें कैसे

अब आप ATM मशीन से बिना ATM कार्ड और पासवर्ड (पिन) के भी ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. ATM से रुपये निकालने के लिए डेबिट कार्ड का तो प्रयोग होगा लेकिन पासवर्ड की जगह हाथों की उंगलियां और अंगूठे ही आपकी पहचान होंगे. बैंकों में खाताधारकों के आधार नंबरों को लिंक करने यानि डाटाबेस बनाने

सबसे सस्ता 4G फोन लाएगी रिलायंस जियो, फोटो हुई लीक

रिलायंस जियो की सीम ने अन्य टेलिकॉम कंपनियों की परेशानी बढ़ा रखी है. वहीं, इसी बीच खबर मिल रही है कि जियो देश का सबसे सस्ता 4G स्मार्टफोन लॉन्च करने वाली है. इसकी कीमत 999 रूपए से 1499 रुपए तक की होगी. वहीं, अब इसकी फोन की फोटो लीक हो गई हैं. जानकारी के मुताबिक, जियो

पावरफुल बैटरी वाला Redmi Note 4 भारत में लॉन्च, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन

चीनी टेक्नोलॉजी कंपनी शाओमी ने भारत में अपने रेडमी नोट 4 हैंडसेट को लॉन्च कर दिया है। शाओमी रेडमी नोट 4 हैंडसेट कंपनी के बेहद ही लोकप्रिय रेडमी नोट 3 का अपग्रेड है। रेडमी नोट 4 को चीन में पिछले साल अगस्त महीने में लॉन्च किया गया था। कंपनी ने भारत में रेडमी नोट 4 के तीन वेरिएंट

सैमसंग ने लॉन्च किया 6GB रैम वाला गैलेक्सी C9 प्रो, जानें कीमत

भारत में सबसे अधिक यूज की जाने वाली साउथ कोरियन कंपनी सैमसंग ने भारत में पहला 6 GB रैम वाला स्मार्टफोन Galaxy C9 Pro लॉन्च किया. इसकी प्री-ऑर्डर बुकिंग 27 जनवरी से शुरू होगी. यूजर ऑनलाइन के अलावा चुनिंदा ऑफलाइन स्टोर से भी हैंडसेट की बुकिंग कर सकेंगे. इसकी कीमत 36,900 रुपए है


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  • अगर सुनार के धोखे से बचना है तो जाने क्या होती है 'एक्साइज ड्यूटी' (ED) ?

    मान लीजिये आप सुनार के पास गए आपने 10 ग्राम प्योर सोना 30000 रुपये का खरीदा. उस सोने को लेकर आप सुनार के पास हार बनवाने गए. सुनार ने आपसे 10 ग्राम सोना लिया और कहा की 2000 रुपये बनवाई लगेगी. आपने खुशी से कहा ठीक है. उसके बाद सुनार ने 1 ग्राम सोना निकाल लिया और 1 ग्राम का टांका लगा दिया. बिना टांके के आपका हार बन ही नहीं सकता ये तो सभी जानते हैं. 

    यानी अगर 1 ग्राम सोना 3000 रुपये का निकाल लिया और 2000 रुपये आपसे बनवाई अलग से लेली. तो सीधा-सीधा आपको 5000 रुपये का झटका लग गया. अब आपके 30 हजार रुपये सोने की कीमत मात्र 25 हजार रुपये बची और सोना भी 1 ग्राम कम होकर 9 ग्राम शेष बचा.  

    बात यहीं खत्म नहीं हुई. उसके बाद अगर आप पुन: अपने सोने के हार को बेचने या उसी सोने से कोई और आभूषण बनवाने पुन: उसी सुनार के पास जाते हैं तो वह पहले टांका काटने की बात करता है और सफाई करने के नाम पर 0.5 ग्राम सोना और कम हो जाता है

    अब आपके पास मात्र 8.5 ग्राम सोना ही बचता है. यानी कि 30 हजार का सोना अब बस 23500 रुपये का बचा.

    आप जानते होंगे कि,

    30000 रुपये का सोना + 2000 रुपये बनवाई = 32000 रुपये.

    1 ग्राम का टांका कटा 3000 रुपए + 0.5 ग्राम पुन: बेचने या तुड़वाने पर कटा मतलब सफाई के नाम पर = 1500 रुपये.

    शेष बचा सोना 8.5 ग्राम

    यानी कीमत 32000 - 6500 का घाटा = 25500 रुपये.

    यह वो था जो अब तक होता आया है. लेकिन इसके विपरीत भारत सरकार की मंशा क्या है? एक नज़र डालते हैं इस पर भी.

    एक्साइज ड्यूटी लगने पर सुनार को रसीद के आधार पर उपभोक्ता को पूरा सोना देना होगा. इतना ही नहीं जितने ग्राम का टांका लगेगा उसका सोने के तोल पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

    जैसा कि आपके सोने का तोल 10 ग्राम है और टांका 1 ग्राम का लगा, तो सुनार को रसीद के आधार पर 11 ग्राम वजन करके उपभोक्ता को देना होगा. इससे उपभोक्ता को फायेदा होगा और सुनार अब तक जो प्रपंच करते आयें हैं उस पर लगाम लग सकेगी. इसीलिए सुनार हड़ताल पर है कि अब उनका धोखाधड़ी का भेद खुल जायेगा.
     

  • स्वयं के उत्थान के लिए भाषा का विकास सबसे ज़रूरी : राज महाजन

    कहते हैं जिसने अपनी मातृभाषा में पकड़ मजबूत करली वही इंसान जीवन में सफल है और मातृभाषा के उत्थान के लिए हमें ही कदम उठाने पड़ेंगे. 14 सितंबर को हर साल हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. हिंदी को राजभाषा का दर्जा हासिल है और हिंदी भारत में बोलचाल के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है. 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा के रूप में अंगीकार किया गया था. हिंदी के महत्व को बताने और इसके प्रचार प्रसार के लिए राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अनुरोध पर 1953 से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है. 

    1918 में हिन्दी साहित्य सम्मेलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हिंदी को जनमानस की भाषा बताया था. साल 1949 में स्वतन्त्र भारत की राजभाषा के प्रश्न पर 14 सितंबर 1949 को काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया जिसे भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की धारा 343(1) में बताया गया है कि ‘संघ की राज-भाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी. यह निर्णय 14 सितंबर को लिया गया था. इसी वजह से इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में घोषित कर दिया गया. लेकिन जब राजभाषा के रूप में हिंदी लागू की गई तो गैर-हिन्दी भाषी राज्य के लोगों के बीच से विरोध के सुर भी उठने लगे और फिर अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा. यही कारण रहा है कि हिन्दी में भी अंग्रेजी भाषा का प्रभाव पड़ने लगा.

    आज पूरा विश्व ग्लोबल हो गया है. इस दौर में भाषा ने भी अपना रूप बदल लिया है. हिंदी की जगह अंग्रेजी हो गया है. मज़े की बात है जिसे हिंदी नहीं बोलनी आती उसे भी अच्छी नौकरी मिलती है क्यूंकि उसे अंग्रेजी बोलनी आती है. हिंदी आये या न आये, लेकिन “इंग्लिश” आनी ज़रूरी है. अपनी ही भाषा का अपने ही देश में इस तरह से ह्रास होना निंदनीय है.

    1991 के बाद भारत में नव-उदारीकरण की आर्थिक नीतियां लागू की गई. नई प्रौद्योगिकी और इससे उपजते हुये सेवा और उद्योग देश की अर्थ, नीति में कई सारे महत्वपूर्ण बदलाव हुए. इस बदलाव का भाषा पर भी जबरदस्त असर पड़ा. अंग्रेजी के अलावा किसी दूसरे भाषा की पढ़ाई को समय की बर्बादी समझा जाने लगा. जब हिन्दी भाषी घरों में बच्चे हिन्दी बोलने से कतराने लगे, या अशुद्ध बोलने लगे तब कुछ विवेकी अभिभावकों के समुदाय को एहसास होने लगा कि घर-परिवार में नई पीढ़ियों की जुबान से मातृभाषा उजड़ने लगी है. इसलिए हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए राजभाषा सप्ताह या हिंदी पखवाड़ा मनाया जाने लगा. इस पूरे सप्ताह सरकारी विभागों और विद्यालयों में अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है ताकि हिंदी को बढ़ावा दिया जा सके और ज़्यादा लोग इसका प्रयोग उतने ही स्वाभिमान से करे जैसे इंग्लिश का करते हैं. 

    आज सभी जगहों पर इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी का चलन भी बढ़ा है. लेकिन नई पीढ़ी कहीं इससे पूरी तरह से वंचित न रह जाए इसलिए समाज का बुद्धिजीवी वर्ग इसके लिए प्रयास कर रहा है. हर तबका अपने-अपने हिसाब से हिंदी का उत्थान करने का प्रयास कर रहा है. कवि अपनी कविताओं के ज़रिये, साहित्यकार अपने साहित्य के ज़रिये, शिक्षक अपनी विद्या के ज़रिये और घर में माता-पिता अपने संस्कारों के ज़रिये. ऐसा ही एक छोटा सा प्रयास मैंने भी किया है और आगे भी करता रहूँगा. मैं राज महाजन अपने तरीके से हिंदी के उत्थान में जुड़ा हूँ. हो सकता है मेरा करना काफी नहीं होगा. लेकिन मैंने अपने ही बूते पर एक शुरुआत की है जिससे मैं आने वाली पीढ़ी को हिंदी का महत्व समझा सकूँ. मेरा मानना है अगर समाज को उन्नत और उत्कृष्ट बनाना है तो पहले अपनी जड़ों को मजबूत और संमृद्ध बनाना होगा. इसके लिए भाषा को पतन से बचाना होगा. ज़रूरी नहीं कि उत्थान तभी होगा जब हम रोज हिंदी बोलेंगे. उत्थान तब होगा जब हिंदी बोलने पर शर्म महसूस नहीं करेंगे. पूरी आत्मीयता से हिंदी को अपनाएंगे, हिंदुत्व का विकास हिंदी से ही होगा. आज हिंदी दिवस पर मैं सभी को इस ओर प्रेरित करता हूँ और आने वाली पीढ़ी से एक 
    गुज़ारिश करता हूँ कि अंग्रेजी का प्रयोग तो करें लेकिन अपनी जड़ों को न भूलें जिनमें  हिन्द और हिंदी समाई है. हिंदी से जुड़ना मेरे लिए गौरव का विषय है.    

  • श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक है जन्माष्टमी

    आज है गोकुल के नटखट ग्वाले कृष्ण का जन्मदिन यानि “जन्माष्टमी”. कहते हैं जब नन्हे कान्हा ने मामा कंस के  कारागार में जन्म लिया था तब वहां मौजूद सभी पहरेदारों को निद्रा ने अपने वश में कर लिया था. उनके जन्म लेते ही उस कारागार में एक आलौकिक प्रकाश पुंज छा गया था जिससे सभी की आँखे कुछ पलों के लिए चुंधिया गईं थीं. नन्हे कान्हा के तेज के आगे समस्त भू लोक नमन करने लगा था. जैसे-जैसे कान्हा बढ़े होते गए वैसे-वैसे उनकी लीलाएं भी बढ़ती चली गई. जब-जब उनके भक्तों को उनकी आवश्यकता पड़ी, तब-तब भगवान कृष्ण ने सहारा दिया. कभी द्रौपदी का भाई बनकर, कभी अर्जुन का सखा बनकर, कभी सुदामा से अपनी मित्रता निभाकर, कभी डूबते का सहारा बनकर, कभी गोवर्धन उठाकर भक्तों का तारक बनकर, तो कभी कर्तव्य का मोल बताने के लिए महाभारत के युद्ध का आगाज़ कराकर. एक वही इस समस्त जगत में हर रूप में, कण-कण में विद्यमान है. आज का दिन उन्हीं की भक्ति में रमने का है. "गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है, समस्त जगत में इक तू ही मेरो है”  

    भगवान श्रीकृष्ण विष्णु जी के ही अवतार हैं जिन्हें सोलह कलाएं प्राप्त हैं. उन्होंने ही प्राणीमात्र को संदेश दिया कि फल की इच्छा रखना व्यर्थ है सिर्फ कर्म ही मनुष्य का अधिकार है. जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण का जनमोत्स्व और मैं राज महाजन इस पावन पर्व पर कुछ कहना चाहता हूँ जन्माष्टमी की रात्रि को मोह-रात्रि भी कहा गया है क्यूंकि इस रात्रि में मनुष्य मोह-माया के बंधन से मुक्त हो जाता है. ऐसी मान्यता है जन्माष्टमी के दिन व्रत-उपवास रखने से हर मनोकामना पूरी होती है. बाल गोपाल के जन्म से समस्त संसार तर गया था. भगवान श्री कृष्ण ने कर्म को प्रधान कहा था लेकिन आज कलियुगी युग में कर्म की प्रधानता कहीं खो सी गई है, इसलिए भी जन्माष्टमी का महत्व यहाँ और भी ज़्यादा बढ़ गया है. मेरा भी मानना यही है कि कर्महीन मनुष्य को फल की इच्छा नहीं करनी चाहिए. तो आईये नन्हे गोपाल की भक्ति में आज का यह शुभ दिन अर्पण करदें. सर्वगुण संपन्न मोहन की भक्ति कीजिये क्यूंकि भक्ति में ही शक्ति है. बाल गोपाल को अपने मन में बिठाईये और इस जगतमय बंधन से मुक्त हो जाईए. श्रद्धा और उल्लास से भरे इस पर्व का आनंद उठाईये. एक बार फिर मेरी यानि राज महाजन की तरफ़ से इस पावन पर्व की हार्दिक बधाई.