हवाला कारोबार पर नकेल कसने में कामयाब हुई नोटबंदी, 30% गिरा व्यापार

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मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी का कदम उठाए जाने के बाद से देश में हवाला कारोबारियों की हवा भी निकली है. जानकारी के अनुसार 8 नवंबर 2016 के बाद से अबतक हवाला कारोबार में औसतन 30 से 35 फीसदी की कमी आई है. हालांकि, इस बीच हवाला कारोबारियों ने बचने के लिए कुछ नए तरीके भी इजाद किए हैं. मुंबई, दिल्ली और गुजरात के कुछ शहर अभी भी ऐसे कारोबारियों की पसंदीदा जगह हैं.  

हवाला कारोबार के जानकार ने बताया कि नोटबंदी के बाद शुरू के 3-4 महीने हवाला ट्रेडिंग की कमर टूट गई. कारोबार 80 फीसदी से नीचे गिर गया. नोटबंदी के बाद ईडी ने कड़े एक्शन किए, कुछ बैंकों की ब्रांच पर एक्शन हुआ, कुछ बड़े नाम भी इस मामले में सामने आए. इसकी वजह से कारोबारियों में डर बना. हालांकि इस बीच उन्होंने गिरफ्त से बचने के लिए नए तरीके इजाद किए. फिर भी एक वर्ष में इस कारोबार में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है. 

वहीं, एक और सूत्र ने बताया कि दिल्ली, मुंबई और गुजरात अबभी हवाला ट्रेडर्स की पसंदीदा बेस बने हुए हैं. नोटबंदी के पहले अनुमान था कि सिर्फ दिल्ली में हवाला ट्रेडर्स की संख्‍या तकरीबन 4 हजार से 4500 के बीच थी, जो अब घटकर 3000 के आस-पास रह गई है. पुरानी दिल्ली में अबभी हजारों ट्रेडर्स औसतन एक करोड़ प्रति ट्रेडर्स की लेन-देन में लगे हैं. दिल्ली के अलावा मुंबई और गुजरात में भी ऐसे हजारों ट्रेडर्स सक्रिय हैं.   

नोटंबदी के बाद से अब तक ब्लैकमनी पर शिकंजा कसते हुए सरकार ने 2.24 लाख कंपनियां बंद की हैं. ये कंपनियां 2 साल या उससे अधिक वक्त से एक्टिव नहीं थीं. नमें से ज्यादातर कंपनियों के शेल कंपनी होने का शक जताया गया है, जिनमें हवाला में शामलि होने का शक था. शुरुआती जांच के मुताबिक इनमें से 35000 कंपनियों कंपनियों के 58000 अकाउंट्स में नोटबंदी के बाद से 17 हजार करोड़ रुपयों का लेन देन किया गया.



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