कावेरी प्रबंधन बोर्ड की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे तमिलनाडु के सीएम, डिप्टी सीएम

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कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर चल रहा विवाद और गहराता जा रहा है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलनिसामी (ईपीएस) और उप-मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) मंगलवार से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. वहीं किसान और व्यापारी संगठनों ने राज्यव्यापी बंद का भी ऐलान किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे.

दूसरी ओर कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक के सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. सदन की बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक के सदस्य पिछले दिनों की तरह हाथों में तख्तियां लेकर आसन के समीप आकर कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे. अन्नाद्रमुक सांसद जोरदार तरीके से वी वॉन्ट जस्टिस और वी डिमांड कावेरी बोर्ड के नारे लगा रहे थे.

वहीं, सुप्रीम कोर्ट कावेरी जल विवाद के आदेश पर स्पष्टीकरण संबंधित केंद्र की याचिका पर 9 अप्रैल को सुनवाई करेगा. केंद्र ने न्यायालय को बताया कि कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन पर संबंधित राज्यों के अलग-अलग विचार हैं. सुप्रीम कोर्ट के 16 फरवरी के आदेश के मुताबिक तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी को प्रति वर्ष क्रमश: 404.25 टीएमसी फुट, 284.75 टीएमसी फुट, 30 टीएमसी फुट और सात टीएमसी फुट कावेरी जल दिए जाएं.

शीर्ष अदालत ने कावेरी नदी के पानी में तमिलनाडु का हिस्सा घटा दिया था, लेकिन उसने राज्य में पेयजल की जरूरत को पूरा करने के लिए नदी बेसिन से 10 टीएमसी फुट भूजल निकालने की इजाजत दी थी.

बता दें कि डीएमके ने 5 अप्रैल तो एआईएडीएमके ने 3 अप्रैल को बोर्ड के गठन की मांग को लेकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था. एआईएडीएमके नेता एम थंबीदुरई ने कहा था कि अगर कांग्रेस समर्थन करे तो उनकी पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने पर भी विचार कर सकती है.



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