प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित, BJP नेता ने की पहल

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बीजेपी की तमिलनाडु इकाई की अध्यक्ष तमिलीसाई सुंदरराजन ने सोमवार को कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना शुरू करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. राज्य भाजपा प्रमुख के कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि उनके पति प्रोफेसर पी सुंदरराजन ने भी मोदी को नोबल के लिए नामित किया है. उनके पति एक निजी विश्वविद्यालय में नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख हैं.

उन्होंने कहा, दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत की शुरुआत करने के लिए डॉ. तमिलीसाई सुंदरराजन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नोबल शांति पुरस्कार 2019 के लिए नामित किया है. उन्होंने अपील की है कि सभी लोग इस नॉमिनेशन में ज्यादा से ज्यादा आगे आए और प्रधानमंत्री को नॉमिनेट करें.

नोबल पुरस्कामर के लिए दुनिया भर में प्रविष्ठियां आती हैं. इसमें विश्व विद्यालयों के प्रोफेसर, वकील, कानून निर्माता, पूर्व में नामित हो चुके लोग तथा पुरस्कार प्राप्त कर चुके लोग भी शामिल होते हैं. यहां तक कि समिति में शामिल लोग भी अपना नाम पुरस्कार के लिए दे सकते हैं.

बहुत कम लोगों ने इस बात पर ध्यान दिया होगा कि नोबल का शांति पुरस्कातर नॉर्वे में दिया जाता है, जबकि शेष सभी पुरस्कार स्वीडन में दिए जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह अल्फ्रेड नोबल की इच्छा थी. हालांकि यह तो कोई नहीं जानता है कि वो ऐसा क्यों चाहते थे. आपको बता दें कि 1905 से पहले तक स्वीनडन और नॉर्वे एक ही संघ का हिस्साथ थे जो बाद में अलग-अलग हो गए थे.

भारत में अब तक मदर टेरेसा और कैलाश सत्यार्थी को शांति के लिए नोबेल पुरस्कार मिले हैं. इसके अलावा साहित्य के क्षेत्र में रविंद्र नाथ टैगोर, भौतिकी के क्षेत्र में डॉक्टर सीवी रमन, अर्थशास्त्र में अमर्त्य सेन को भी नोबेल पुरस्कार मिल चुका है.



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