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शराब कारोबारी विजय माल्या को सुप्रीमकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. अदालत ने उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. दरअसल, माल्या ने अपने खिलाफ चल रही ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए अपने वकील के जरिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया. 

आपको बता दें कि ईडी ने विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर उसकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी. इसी कार्रवाई को लेकर माल्या ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने के बजाय उसे नोटिस जारी कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आदेश दे दिया. 

आपको बता दें है कि इससे पहले माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि उनके प्रत्यर्पण के फैसले को लेकर कई तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं, जो कि एक अलग मामला है और वह पूरा पैसा लौटाने को तैयार हैं. माल्या ने आगे कहा था कि वह इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके प्रत्यर्पण का निर्णय या दुबई से हालिया प्रत्यर्पण या फिर समझौता प्रस्ताव आपस में कैसे जुड़े हैं. 

माल्या ने ट्वीट कर कहा था, 'जहां कहीं भी मैं फिजिकली उपस्थित हूं, मेरी अपील है कृपया पैसे ले लें. मैं इस बात को खत्म करना चाहता हूं कि मैंने पैसा चुराया है.'  आपको बता दें कि विजय माल्या अभी ब्रिटेन में है और जमानत पर बाहर है. 

भारत का करीब 9,000 करोड़ रुपये लेकर देश से भागे माल्या के प्रत्यर्पण पर 10 दिसंबर को ब्रिटिश कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया जाना है. हालांकि कारोबारी ने कहा कि प्रत्यर्पण की कार्यवाही का मामला अलग है. माल्या प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. कारोबारी का कहना है कि नेताओं और मीडिया ने उसे गलत तरीके से ‘डिफॉल्टर’ के रूप में पेश किया है.



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