सुप्रीमकोर्ट ने पुलिस को कांवड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का दिया आदेश

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सावन के दौरान एक तरफ जहां शिवालयों में शिवभक्तों की लाइन लग जाती है तो दूसरी तरफ कुछ अराजक तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं. कांवड़ यात्रा में जहां भक्त शिवमय हुए बम बोल का नारा लगाते हुए शिव का दर्शन करने जाते हैं तो वहीं कुछ लोग इसकी आड़ में उपद्रव भी करते हैं. हाल ही में दिल्ली में ऐसा ही मामला सामने आया था. इसमें कुछ कांवड़ यात्री एक कार पर तोड़फोड़ कर रहे थे. इसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया था. वहीं, यूपी में भी उपद्रव के कुछ मामले सामने आए हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस को आदेश दिया है कि कानून हाथ में लेने वाले कांवड़ियों के खिलाफ सख्ती से निपटे.

दिल्ली की तरह कांवड़ियों ने मुजफ्फनरगर में भी पब्लिक प्रॉपर्टी पर गुस्सा निकाला था और एक कार में तोड़फोड़ की थी. इसमें कार में सवार तीन लोग घायल हो गए थे. ऐसे ही बुलंदशहर में मामूली विवाद के बाद कांवड़ियों ने पुलिस की जीप पर हमला कर दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कांवड़ियों ने पुलिस वालों की पिटाई भी की थी.

मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के ऊलदेपुर गांव में भी कावंड़ झांकी देखने को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था. संघर्ष के दौरान चले लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई. वहीं, आठ लोग घायल हो गए थे. सूचना मिलने पर आठ थानों की पुलिस पहुंची और स्थिति को सभांलने में जुट गई.

वहीं, बरेली के खैलम गांव में कांवड़ लेकर लौट रहे कांवड़ियों और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच भारी बवाल हुआ था. ऐसे में पुलिस ने इस साल सुरक्षा व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए गांव में रहने वाले हिन्‍दू और मुस्लिम परिवार के करीब 250 लोगों को लाल कार्ड जारी किए हैं. साथ ही सभी से पांच-पांच लाख रुपये का मुचलका भी भरवाया है. इसके अलावा गांव में चप्‍पे-चप्‍पे पर पुलिस लगी हुई है और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है.



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