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प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई. इन न्यायाधीशों के शपथ लेने के साथ ही शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों की संख्या अब 28 हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर एक में सुबह साढ़े दस बजे शपथ ग्रहण समारोह शुरू हुआ और प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने चारों न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुप्ता, रेड्डी, शाह और रस्तोगी को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने के कॉलेजियम की सिफारिश को गुरुवार को ही मंजूरी दी थी. ये चारों न्यायाधीश अलग-अलग उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीश थे.

न्यायाधीश गुप्ता मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे जबकि न्यायाधीश रेड्डी गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे. न्यायाधीश शाह पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे जबकि न्यायाधीश रस्तोगी त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे. शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों के स्वीकृत पदों की संख्या 31 है. इन चार न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ ही शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या 24 से बढ़कर 28 हो गई है. उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत करने के लिए चारों न्यायाधीशों के नामों की 30 अक्टूबर को केंद्र से सिफारिश की थी.

न्यायमूर्ति गुप्ता को दो जुलाई 2002 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और आठ फरवरी 2016 को उनका पटना उच्च न्यायालय में तबादला कर दिया गया, जहां उन्हें 29 अक्टूबर 2016 को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया. उन्हें पिछले साल 18 मार्च को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया.

न्यायमूर्ति रेड्डी को दो दिसंबर 2002 को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया. उन्हें पदोन्नति देकर 13 फरवरी 2016 को गुजरात उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया. न्यायमूर्ति शाह को सात मार्च 2004 को गुजरात उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और बाद में अगस्त में उन्होंने पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली. न्यायमूर्ति रस्तोगी को सितंबर 2004 में राजस्थान उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और इस साल एक मार्च को उनकी त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति हुई. इस साल उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोकुर और कुरियन जोसेफ को सेवानिवृत्त होना है जबकि न्यायमूर्ति सीकरी मार्च 2019 में सेवानिवृत्त होंगे.
 



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