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मंडावली (दिल्ली). आज कल बदमाशों के हौंसलें इतने बुलंद हो गये हैं कि उन्हें कानून और पुलिस का कोई खौफ नहीं हैं. जहाँ-तहाँ सरेआम बदमाश अपनी मनमानी करते नज़र आते हैं. ताज़ा घटना है मंडावली के रहने वाले 36 वर्षीय बृजेश गुप्ता का. 1 फ़रवरी को किसी परिचित ने इन्हें जान से मार दिया. तीन दिन से गायब बृजेश की लाश उनके एक जानकार के घर से बरामद हुई. बतया जा रहा है यह परिचित बदमाश है. पुलिस इसे सीधे तौर पर आत्महत्या का मामला बता रही है. इसके उल्ट घरवालों का कहना है कि जतिन चौधरी उर्फ़ जीते ने बृजेश की हत्या की है. वो बदमाश है.

बृजेश गुप्ता का जूलरी का बिज़नेस है. उनके परिवार की माने तो उन्होंने जीते से लगभग 25-30लाख रूपये लेने थे. आरोपी जीते ने जूलर को फोन करके बुलाया परन्तु वापिस उसकी मरने की सूचना आई. सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम के बाद ही कोई एक्शन लिया जायेगा.

परिजनों का कहना है कि तीन दिन से बृजेश घर नहीं पहुंचे थे. उन्होंने पुलिस पर गुमराह करने का इल्ज़ाम लगाते हुए कहा है कि बृजेश अपने घर को छोड़कर कहीं और सुसाइड करने जायेंगे ही क्यूँ, जबकि वो अपने उधार दिए हुए पैसे लेने गए थे? अगर खुदखुशी की है तो फ्लैट की दीवारों पर खून कैसे लगा? बृजेश के हाथ पीले क्यूँ पड़े थे? कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब रिपोर्ट आने पर मिलेंगे और जो पुलिस की भूमिका पर संदेह करते हैं.

एक तरफ जहाँ पुलिस तफ्तीश के लिए जतिन चौधरी और उसके गार्ड को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. वहीँ दूसरी तरफ कल्याणपुरी पुलिस थाने के बाहर लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. लोगों में इस मामले पर पुलिस के ढुल-मुल बर्ताव को लेकर खासा आक्रोश देखने को मिला. FIR दर्ज कराने को लेकर करीब 1000 लोग पुलिस परिसर में ही बैठ गए और ‘FIR दर्ज करो’ के नारे लगाने लगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस इस मामले में FIR करने से बच रही है. इतना ही नहीं, मर्डर को सुसाइड बनाने पर तुली हुई है. 

पहले तो पुलिस ने भी काफी आना-कानी की लेकिन लोगों की बढ़ती भीड़ और नारेनाज़ी को देखते हुए पुलिस ने परिवार की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है.

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बृजेश गुप्ता अपने परिवार के साथ  मंडावली में रहते थे. परिवार में पत्नी नीरू के अलावा पांच और सात साल के दो बच्चे हैं. बृजेश की अपनी जूलरी शॉप है. परिजनों ने बताया बृजेश को जतिन से पैसे लेने थे और आरोपी जतिन ने उसे खिचड़ीपुर स्थित अपने घर बुलाया था. अपनी पत्नी नीरू को पैसे लेने की बात कहकर बृजेश

घर से निकले. बीच में कई बार उन्होंने अपने घर फोन किया. लेकिन पत्नी के घर में न होने के कारण बात नहीं हो सकी. फोन उनकी सात साल की बेटी ने उठाया. वापिस आने के बाद जब नीरू ने उन्हें कॉल किया तो लगा नहीं. उसके बाद बृजेश से बात नहीं हो पाई. दोपहर बाद परिवार वालों को खबर मिली कि बृजेश लाल बहादुर अस्पताल में भर्ती है. उन्हें तबियत ख़राब होने के चलते यहाँ भर्ती कराया गया. जहाँ डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. 

परिवारों का कहना है कि बृजेश जतिन से पैसे लेने गये थे. उस फ्लैट में क्या हुआ कुछ नहीं पता. सारे राज जतिन के पेट में हैं. पुलिस की भूमिका इस मामले में संदेह खड़ा कर रही है.



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