वसुंधरा सरकार को वापस लेना चाहिए MLAs को बचाने वाला बिल: सुब्रमण्यम स्वामी

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राजस्थान में जनसेवकों और विधायकों पर FIR से पहले सरकार की मंजूरी से जुड़े बिल की खिलाफत अब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी की है. उन्होंने ट्विटर पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से गुजारिश की है कि वे इस बिल को वापस लें. उन्होंने लिखा कि जब सुप्रीम कोर्ट इस बिल को खारिज कर देगा तो उन्हें बड़ा झटका लगेगा.

ऐसा माना जा रहा है कि राजस्थान सरकार भी इस बिल के हो रहे विरोध के चलते एक बार फिर से इस पर विचार कर रही है. विधानसभा सत्र के पहले दिन ही सीएम राजे ने राज्य प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की.

सूत्रों की माने तो मंत्रियों के अलावा सीएम राजे ने सीनियर ब्यूरोक्रेट्स से भी मुलाकात की. बताया जा रहा है कि बिल को लेकर कैबिनेट मिनिस्टर राजेंद्र राठौड़, गुलाबचंद कटारिया, अरुण चतुर्वेदी और युनूस खान ने भी सीएम हाउस में मुलाकात की.

दरअसल, जनप्रतिनिधियों और लोकसेवकों के खिलाफ शिकायत से पहले राज्य सरकार की मंजूरी लेने संबंधी बिल राजस्थान विधानसभा में पेश हुआ. इसको लेकर देशभर में राज्य सरकार की किरकिरी हो रही है.

राजस्थान में दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश-2017 का मसौदा तैयार होने के साथ ही विरोध शुरू हो गया. इस बिल को मीडिया की आजादी छीनने वाला और भ्रष्ट अफसरों एवं जनप्रतिनिधियों को संरक्षण देने वाला बताते हुए विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथ लिया.

सोमवार को विधानसभा की कार्रवाई के दौरान इस बिल के विरोध में कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया और इस हंगामे के बीच ये बिल पेश हुआ. इसके बाद सदन की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई. कांग्रेस ने बिल के विरोध में सदन के बाहर गिरफ्तारियां दी और प्रदर्शन भी किया. राष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले में वसुंधरा सरकार की किरकिरी हो रही है.



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