तमिलनाडु के तूतीकोरिन में भड़की हिंसा; एक की मौत और 3 लोग हुए घायल

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बीते मंगलवार को पुलिस ने तमिलनाडु में आंसू गैस के गोले छोड़े. जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक लोग इस झड़प में घायल हो गए. इस घटना के बाद इलाके में तनाव पसरा हुआ है. आज भी अन्ना नगर में भड़की हिंसा में फिर से फायरिंग हुई. जिसमें एक शख्स की मौत हो गई है जबकि तीन लोग घायल हो गए हैं.

माना जा रहा है कि तूतीकोरिन में जनरल हॉस्पिटल के बाहर स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच लड़ाई-झगड़ा हुई. स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के खिलाफ कल प्रदर्शन में घायल हुए लोगों का इसी अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं पुलिस फायरिंग की जांच के लिए तमिलनाडु सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीसन को नियुक्त किया है. केन्द्र सरकार ने तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट मांगी है. 

बंदरगाह शहर तूतीकोरिन में एक स्टरलाइट प्लांट (तांबा गलाने वाले संयंत्र) को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग कर रहे हजारों लोग हिंसक प्रर्दशन पर अमादा हो गये. थूथुकुडी में धारा 144 लागू है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. प्रदर्शनकारी तीन माह से भी अधिक वक्त से स्टरलाइट संयंत्र के खिलाफ विरोध कर रहे हैं. लोगों ने इस प्लांट को भूजल प्रदूषण के लिए दोषी मानते हैं. आखिर लम्बे वक्त से चला आ विरोध प्रदर्शन एकदम उग्र कैसे हो गया. 

जानते हैं इस प्रकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें :

रिपोर्टों के अनुसार राजधानी चेन्नई से 600 किलोमीटर दूर तूतीकोरिन में करीब पांच हजार प्रदर्शनकारी एक स्थानीय चर्च में इकट्ठा हुए. स्टरलाइट संयंत्र तक रैली निकालने की अनुमित नहीं मिलने पर उन्होंने जिला कलेक्टर के दफ्तर तक रैली निकालने की मांग करने लगे. 

पलनीस्वामी ने एक बयान में कहा, "पुलिस को सार्वजनिक जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए अपरिहार्य परिस्थितियों में कार्रवाई करनी पड़ी क्योंकि प्रदर्शनकारियों की हिंसा थम नहीं रही थी... पुलिस को हिंसा को नियंत्रित करना था." 

 डीएमके ने हिंसा के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि लोग इतने लंबे समय तक शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे लेकिन प्रशासन ने लोगों की चिंताओं को दूर करने की कोशिश नहीं की. डीएमके के एमके स्टालिन ने कहा, संयंत्र को बंद कर दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे लोगों का साथ देने के लिए तूतीकोरिन जाएंगे. 

सुपरस्टार रजनीकांत और अभिनेता-राजनेता कमल हासन ने यहां चल रहे विरोध प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया है. उन्होंने "शांतिपूर्ण विरोध" की अनदेखी के लिए सरकार को दोषी ठहराया है. कमल हासन ने कहा, "नागरिक अपराधी नहीं हैं... वे वो लोग हैं जो अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं." लोगों की मौत के लिए रजनीकांत ने भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया. रजनीकांत ने ट्वीट किया, "सरकार की बेपरवाही की वजह से हुई फायरिंग में लोंगो की मौत से मुझे दुख हुआ है." 

मार्च 2013 में इस प्लांट में हुए कथित गैस रिसाव के बाद सैकड़ों लोगों को सांस लेने में कठिनाई, मतली और गले में संक्रमण का सामना करना पड़ा था. हालांकि संयंत्र को प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोपों को बंद करने का आदेश दिया गया था, फिर भी राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इसे फिर से खोलने की अनुमति दी थी.

उसी साल एमडीएमके प्रमुख वाइको की अगुवाई में एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए प्रदूषण के लिए संयंत्र पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. हालांकि, उस समय वेदांत समूह द्वारा संचालित स्टरलाइट ने दावा किया था कि यह प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का पालन करता है.

'वेदांता' दुनिया की सबसे बड़ी खनन कंपनियों में से एक है. इसके मालिक बिहार के पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल हैं. मुबंई में उन्होंने 'वेदांता' नाम से एक कंपनी बनाई जिसे उन्होंने लंदन स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर्ड कराया. वेदांता समूह की ही एक कंपनी का नाम स्टरलाइट है. स्टरलाइट तमिलनाडु के तूतीकोरिन और सिलवासा (केंद्र शासित प्रदेश दादरा नागर हवेली की राजधानी) में ऑपरेट करती है. तूतीकोरिन वाले कारखाने में हर साल चार लाख टन तांबे का उत्पादन होता है. साल 2017 में इस कंपनी का टर्नओवर 11.5 अरब डॉलर था.

मुख्यमंत्री पलनीस्वामी ने 9 लोगों की मौत की पुष्टि की. पूरे दिन सरकार ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करने से मना किया और कहते रहे कि आंकड़े जुटाए जा रहे हैं. राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि 11 लोगों की मौत हुई है. सरकार ने अपने बयान में कहा, "हिंसा पर काबू पाने के लिए, अपरिहार्य परिस्थितियों में, पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी. कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तूतीकोरिन भेजा गया है." 



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