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दिल्ली: पूर्व सीएम शीला दीक्षित का 81 साल की उम्र में निधन, जानें उनका राजनीतिक सफर

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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का शनिवार को निधन हो गया. 81 वर्षीय शीला दीक्षित काफी लंबे समय से बीमार चल रही थी. उनका इलाज एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में चल रहा था. शीला दीक्षित साल 1998 से 2013 तक लगातार 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगातार तीन बार दिल्ली में सरकार बनाई. कांग्रेस की दिग्गज नेता दीक्षित दिल्ली में सबसे लंबे समय तक काम करने वाली मुख्यमंत्री रही थीं.

दिवंगत कांग्रेस नेता शीला दीक्षित केरल की पूर्व राज्यपाल रह चुकी थी. केरल के राज्‍यपाल निखिल कुमार के त्‍यागपत्र देने के बाद उनकी नियुक्ति इस पद पर की गई थी. इससे पहले शीला दीक्षित राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकी थी. उन्हें 17 दिसंबर,2008 में लगातार तीसरी बार दिल्ली विधान सभा के लिये चुना गया था. 2013 में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. शीला दीक्षित दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री थीं. इसके साथ ही 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांगेस पार्टी की मुख्यमंत्री पद लिये उम्मीदवार भी घोषित की गई थीं.

31 मार्च 1938 को जन्मी दिल्ली की पूर्व सीएम ने अपनी स्कूली पढ़ाई दिल्ली के कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने स्नातक और कला स्नातकोत्तर की शिक्षा मिरांडा हाउस कॉलेज से ली. शीला दीक्षित की शादी प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व राज्यपाल व केन्द्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री रहे,  उमाशंकर दीक्षित के परिवार में हुआ था. इनके पति स्व. विनोद दीक्षित भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य रहे थे. शीला दीक्षित के दो बच्चे है, एक बेटा और एक बेटी. उनके बेटे संदीप दीक्षित भी 2008 से 2013 तक पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस सांसद रहे. इनके अलावा शीला की एक बेटी भी हैं.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने महिला उत्थान के लिए कई अथक प्रयास किए थे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ की महिला स्तर समिति में भारत का प्रतिनिधित्व भी पांच सालो (1984-89) तक किया. दीक्षित ने यूपी में अपने 82 साथियों के साथ अगस्त 1990 में 23 दिनों की जेल यात्रा की थी, जब वे महिलाओं पर समाज के अत्याचारों के विरोध में उठ खड़ी हुई थी, तब उन्होने प्रदर्शन भी किए थे. इससे भड़के हुए लाखों राज्य के नागरिक इस अभियान से जुड़े, व जेलें भरीं.

सन् 1970 में शीला दीक्षित ने यंग विमन्स एसोसिएशन की अध्यक्षा भी रहीं थी, जिसके दौरान उन्होंने दिल्ली में दो बड़े महिला छात्रावास खुलवाएं. वो इंदिरा गाँधी स्मारक ट्रस्ट की सचिव भी थी, इस ट्रस्ट ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान बनाया है. ये ट्रस्ट शांति, निशस्त्रीकरण एवं विकस के लिये इंदिरा गांधी पुरस्कार देता है और विश्वव्यापी विषयों पर सम्मेलन आयोजित करता है. पूर्व सीएम शीला दीक्षित के संरक्षण में ही, इस ट्रस्ट ने एक पर्यावरण केन्द्र भी खोला है.

शीला दीक्षित के कार्यकाल में दिल्ली में ही सीएनजी यानी क्लीन एनर्जी की शुरुआत की गई थी. मेट्रो का आगमन कांग्रेस के ही कार्यकाल में हुआ था. दिल्ली में सड़कों और फ्लाइओवरों के जाल में उनका ही योगदान माना जाता है. उन्होंने कई सांस्कृतिक आयोजन शुरू कराए थे. दिल्ली में हरियाली भी शीला के दौर में कराई गई है. 24 घंटे बिजली दिल्ली को पहली बार नसीब उनके राज में ही हुई थी. कॉमनवेल्थ गेम जैसा बड़ा इवेंट सफलतापूर्वक कराने के पीछे भी शीला दीक्षित की मेहनत थी.


 



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