कर्नाटक : राज्यपाल के फैसले पर राम जेठमलानी का बयान, कहा- यह क्या बेवकूफाना कार्रवाई है

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कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने के राज्यपाल के निर्णय के खिलाफ देश के प्रसिद्ध वकील राम जेठ मालानी का बयान सामने आया है. सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर करने वाले वकील राम जेठमलानी ने कहा है कि ‘भाजपा ने जो कहा होगा राज्यपाल ने वही किया… यह क्या बेवकूफाना कार्रवाई है. राज्यपाल का आदेश खुलेआम भ्रष्टाचार का न्यौता दे रहा है.’

वहीँ दूसरी ओर मुख्यमंत्री बनने के साथ ही येदियुरप्पा ने किसानों का लोन माफ़ करने का ऐलान का दिया. साथ ही राज्य को विकास के रास्ते ले जाने का संकल्प लिया. सुबह 9 बजे CM पद की शपथ लेने के बाद येदियुरप्पा को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बझाई दी.

कर्नाटक मामले पर डीएमके के नेता एमके स्तालिन ने भी पीएम मोदी की आलोचना की. बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि भाजपा बाबा साहेब के संविधान को बर्बाद करना चाहती है. 

दो विधायकों के गायब रहने की खबर के बीच कांग्रेस के सिद्दारमैया ने दावा किया है कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के सभी 118 विधायक धरमने में शामिल हैं.

आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने के बाद राज्य में सरकार बनाने का नाटक चरम पर पहुंच गया था. जहाँ एक तरफ राज्यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा से सरकार बनाने को कहा है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने मौका नहीं मिलने पर पूरी रात सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलाली पेश करती रही.

बता दें कि राज्यह में 12 मई को हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 15 मई को आए थे. इसमें किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था जबकि सबसे ज्याटदा सीटें भाजपा को मिली थीं. नतीजे आने के ठीक बाद कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन का फैसला किया और अगले दिन राज्यनपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. इधर सबसे बड़ी पार्टी होने के दम पर भाजपा भी सरकार बनाने के लिए राज्यरपाल से आमंत्रण का दावा पेश कर चुकी थी.



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