ट्रेड यूनियन के कर्मचारियों की हड़ताल का आज दूसरा दिन, पश्चिम बंगाल में हिंसा के चलते बस ड्राइवरों ने लगाया हेलमेट

पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग लिखकर कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- परिवारवाद और वंशवाद ने देश को कमजोर कर दिया

मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट में ED ने कहा- जांच में सहयोग नहीं कर रहे वाड्रा, हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- 'मैं भी चौकीदार' अभियान से उन्हें परेशानी है जिनकी पार्टी और संपत्ति संकट में है

लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस ने जारी 56 उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट, गाजियाबाद से डॉली शर्मा होंगी उम्मीदवार

PNB Fraud Case: भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ लंदन की कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट, किसी भी वक्त हो सकती है गिरफ्तारी

Kartarpur Corridor: पाकिस्तान का दोहरा चरित्र आया सामने, गुरूद्वारे की जमीन पर किया कब्जा, भारत ने जताया विरोध

2019-01-09_Strike.jpg

सेंट्रल ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आज दूसरा दिन है. विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को पश्चिम बंगाल में छिटपुट घटनाएं हुईं जिससे सबक लेते हुए राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने रोडवेज बसों के ड्राइवरों को हेलमेट पहनकर बस चलाने का निर्देश दिया है. जाधवपुर में रोडवेज बस ड्राइवर हेलमेट पहनकर बस चलाते दिखे. 

बुधवार सुबह भी पश्चिम बंगाल से ही सबसे पहले हड़ताल की खबर आई. यहां सियालदाह-लक्ष्मीकांतपुर और डायमंड हार्बर सेक्शन पर ट्रेन सेवा प्रभावित हुई है. ऐसा बताया जा रहा है कि इस रूट पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन ओवरहेड वायर पर केले के पत्ते फेंक दिए है. सामान्य सेवाओं को बहाल करने के लिए ओवरहेड वायर से केले के पत्तों को हटाने के लिए टॉवर वैन को पहले ही भेज दिया गया है. सियालदह डिवीजन के अन्य सेक्शन में सामान्य सेवाएं चालू हैं. वहीं मुंबई में बुधवार का नजारा भी मंगलवार की तरह ही दिखा. यहां आज भी बेस्ट की बसें डिपो में खड़ी दिखाई दी.

मंगलवार को भी मुंबई में सार्वजनिक परिवहन की बसें सड़कों से दूर रहीं. दूसरी तरफ बैंकों का कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित हुआ था. यूनियनों ने सरकार पर श्रमिकों विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है. देश के ज्यादातर इलाकों में सामान्य जनजीवन पर इस हड़ताल का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा. हालांकि, वामदल शासित केरल में यह आंदोलन पूरी तरह हड़ताल में तब्दील हो गया. वहां स्कूल, कॉलेज बंद रहे और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं.

मुंबई में सार्वजनिक परिवहन सेवा बेस्ट के 32,000 से अधिक कर्मचारी मंगलवार को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. उनकी यह हड़ताल ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के दिन ही शुरू हुई. इससे करीब 25 लाख दैनिक यात्री प्रभावित हुए. इस बीच, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि वे हड़ताल पर जाते हैं और काम पर नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. 

दो प्रमुख बैंक यूनियनों आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) तथा बैंक एम्पलाइज फेडरेशन आफ इंडिया (बीईएफआई) ने हड़ताल का समर्थन किया है. हड़ताल से उन बैंकों का परिचालन प्रभावित हुआ है जहां इन दोनों यूनियनों का ज्यादा प्रभाव है.

हड़ताल से ओड़िशा में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ. भुवनेश्वर, कटक, पुरी, बालासोर, जालेश्वर, भद्रक, संबलपुर, बेरहमपुर और पारादीप में आंदोलनरत कर्मचारियों के रेल रोको से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए थे. वहां एक स्कूल बस पर लोगों ने पथराव किया. कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं. कोलकाता सहित राज्य के कुछ हिस्सों में हड़ताली कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी फूंका. पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में आंदोलनकारियों ने रेलवे लाइन पर जाम लगा दिया.

हड़ताली यूनियनों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने श्रमिकों के मुद्दों पर उसकी 12 सूत्री मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है. उनका यह भी कहना है कि श्रम मामलों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह ने दो सितंबर, 2015 के बाद यूनियनों को वार्ता के लिए एक बार भी नहीं बुलाया है.  ये यूनियनें श्रम संघ कानून 1926 में प्रस्तावित संशोधनों का भी विरोध कर रही हैं. उनका कहना है कि इन संशोधनों के बाद यूनियनें स्वतंत्र तरीके से काम नहीं कर सकेंगी.



loading...