Sawan 2019: इस दिन से शुरू होगा सावन, जानिए- व्रत कथा-पूजन विधि

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भगवान भोलेनाथ का महीना यानी सावन मास या कहें श्रावण की शुरुआत 17 जुलाई को हो रही है. पूरे सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से सबकी मनोकामना पूरी हो जाती है. ऐसी मान्यता है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने वाले भक्तों की हर इच्छा भगवान भोलेनाथ पूरी करते हैं. इसके अलावा अभी तक जिनकी शादी नहीं हुई है, उन्हें भी भगवान शिव अच्छे वर का वरदान देते हैं. साथ ही जिनकी शादी हो चुकी है, उन्हें सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देते हैं.

इस बार सावन में 4 सोमवार पड़ेंगे. पहला सोमवार 22 जुलाई को है. दूसरा 29 जुलाई को और तीसरा सोमवार 5 अगस्त को है. इसी बीच 31 जुलाई 2019 को हरियाली अमावस्या भी है. चौथा और सावन का आखिरी सोमवार 12 अगस्त को है. 15 अगस्त को सावन का आखिरी दिन है. बहुत से लोग सावन या श्रावण के महीने में आने वाले पहले सोमवार से ही 16 सोमवार व्रत की शुरुआत करते हैं. सावन महीने की एक बात और खास है कि इस महीने में मंगलवार का व्रत भगवान शिव की पत्नी देवी पार्वती के लिए किया जाता है. श्रावण के महीने में किए जाने वाले मंगलवार व्रत को मंगला गौरी व्रत कहा जाता है.

सावन में रखें ये व्रत-

1. सावन सोमवार व्रत
श्रावण महीने में सोमवार को जो व्रत रखा जाता है, उसे सावन का सोमवार व्रत कहते हैं.

2. 16 सोमवार व्रत
सावन के पहले सोमवार से 16 सोमवार तक व्रत रखने को सोलह सोमवार व्रत कहते हैं.

3. प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत भगवान शिव और मां पार्वती का आशीर्वाद पाने के प्रदोष के दिन किया जाता है.

जानिए व्रत और पूजन विधि-

सुबह-सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ कपड़े पहनें.

पूजा स्थान की सफाई करें.

आसपास कोई मंदिर है तो वहां जाकर भोलेनाथ के शिवलिंग पर जल व दूध अर्पित करें.

भोलेनाथ के सामने आंख बंद शांति से बैठें और व्रत का संकल्प लें.

दिन में दो बार सुबह और शाम को भगवान शंकर व मां पार्वती की अर्चना जरूर करें.

भगवान शंकर के सामने तिल के तेल का दीया प्रज्वलित करें और फल व फूल अर्पित करें.

ऊं नम: शिवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान शंकर को सुपारी, पंच अमृत, नारियल व बेल की पत्तियां चढ़ाएं.

सावन सोमवार व्रत कथा का पाठ करें और दूसरों को भी व्रत कथा सुनाएं.

पूजा का प्रसाद वितरण करें और शाम को पूजा कर व्रत खोलें.



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