नागरिकता संशोधन विधेयक पर बोले आजम खान- देशभक्ति करने की सजा ही भुगत रहे हैं मुसलमान

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नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 लोकसभा में पास होने के बाद रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने कहा है कि लोकतंत्र में यह फैसला संख्या और ताकत के आधार पर किया गया है. आजम ने सत्ता पक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि अगर विपक्ष कोई सही बात करे तो उसे न सिर्फ सुनना चाहिए बल्कि मानना भी चाहिए. एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में आजम खान ने कहा कि यह फैसला ताकत के बल पर हुआ है. विपक्ष की संख्या कम है. इसलिए वह चाहे जितनी भी सही बात करे उसकी सुनवाई नहीं होगी.

लेकिन अच्छे लोकतंत्र की मिसाल ये है कि सत्ता पक्ष को न सिर्फ विपक्ष की सही बातों को सुनना चाहिए बल्कि उन्हें मान भी लेना चाहिए. जिस सवाल पर आज देश खड़ा है उसी सवाल पर 1947 में देश का बंटवारा हुआ था. मुसलमानों के पास पाकिस्तान जाने का खुला ऑप्शन था. लेकिन लोग यहां से पाकिस्तान नहीं गए. वो सबसे बड़े देशभक्त थे. शायद 1947 में पाकिस्तान न जाने की और देशभक्ति करने की सजा ही मुसलमान भुगत रहे हैं.

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल 2019 सोमवार को लोकसभा में पास हो गया. पूर्वोत्‍तर में इस बिल के खिलाफ पहले से ही विरोध रहा है. सरकार ने बिल में नार्थ-ईस्‍ट के राज्‍यों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास भी किया लेकिन इसके बावजूद असम में आज इस बिल के विरोध में कई छात्र संगठनों ने राज्‍यव्‍यापी बंद का ऐलान किया है. नॉर्थ-ईस्‍ट स्‍टूडेंट्स यूनियन (NESO) और आल इंडिया स्‍टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने आज असम में 11 घंटे के बंद के ऐलान की घोषणा की है. इसके चलते गुवाहाटी में आज सुबह सड़कों पर सन्‍नाटा देखा गया और दुकानें बंद देखी गईं. असम में कई जगह प्रदर्शनकारियों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया. डिब्रूगढ़ और जोरहट में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए.
 



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