केरल: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर प्रदर्शन, झड़प में 1 की मौत, CM ने कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

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सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के एंट्री कर भगवान अयप्पा के दर्शन करने प्रवेश के विरोध में हिंदू संगठनों द्वारा आज सुबह से शाम तक 12 घंटे की हड़ताल गुरुवार सुबह शुरू हो गई. रिपोर्टों के अनुसार, राज्य की राजधानी में ऑटो रिक्शे और दोपहिया वाहन रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर आते जाते दिखाई दिए, लेकिन कोझिकोड में सुबह प्रदर्शनकारियों ने कई जगह वाहनों को रोका और टायर जलाए. यह हड़ताल विभिन्न हिंदुत्ववादी समूहों के एक संयुक्त संगठन ‘सबरीमाला कर्म समिति’ द्वारा बुलाई गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहा है. वहीं गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख तय है. वकील पीवी दिनेश ने इस मामले में याचिका दायर की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.

भाजपा बंद का समर्थन कर रही है जबकि कांग्रेस-नीत यूडीएफ गुरुवार को “काला दिवस” मना रहा है. आपको बता दें कि दो महिलाओं कनकदुर्गा (44 वर्ष) और बिंदू (42 वर्ष) ने हिन्दूवादी संगठनों की तमाम धमकियों की परवाह न करते हुए बुधवार तड़के भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश कर सदियों पुरानी परंपरा तोड़ दी. मंगलवार को महिलाओं के ‘वीमेन वॉल’ अभियान के तहत देश के उत्तरी सिरे कासरगोड से दक्षिणी छोर तक करीब 620 किलोमीटर लंबी एक श्रृंखला (चनन) बनाने के एक दिन बाद महिलाएं यहां दर्शन के लिए पहुंची.

सबरीमाला के अयप्पा मंदिर में बुधवार सुबह दो महिलाओं के प्रवेश करने के बाद कांग्रेस और भाजपा ने केरल की माकपा नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर जमकर हमला बोला था. विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया और यह ‘प्रतिबंधित’ आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश कराने के मुख्यमंत्री के कड़े रवैये को दर्शाता है.



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