अमित जेठवा हत्याकांड केस में बीजेपी के पूर्व सांसद दीनू सोलंकी समेत 7 को उम्रकैद की सजा

कर्नाटक संकट: सीएम कुमारस्वामी ने कहा- मैं राज्य की जनता से माफी मांगता हूं, बेंगलुरू में अगले 48 घंटे के लिए धारा 144 लागू

बोरिस जॉनसन होंगे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री, बुधवार को लेंगे शपथ

1984 सिख दंगा: सुप्रीम कोर्ट ने 33 दोषियों को दी जमानत, हाईकोर्ट ने बताया था दोषी

राहुल गांधी ने कहा- ट्रंप के दावे पर विदेश मंत्रालय के इनकार से काम नहीं चलेगा, PM मोदी दें जवाब

डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता वाले मुद्दे को सरकार ने किया खारिज, विदेश मंत्री बोले- PM मोदी ने ऐसा कुछ नहीं कहा

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आम्रपाली ग्रुप की कंपनियों रजिस्ट्रेशन रदद्, NBCC को प्रोजेक्ट पूरा करने का आदेश

2019-07-11_DinuSolanki.jpeg

गुजरात में सीबीआई अदालत ने आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्याकांड में सात लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इन सात आरोपियों में भाजपा के पूर्व सांसद दीनू सोलंकी भी शामिल हैं. 20 जुलाई 2010 को अमित जेठवा की हाईकोर्ट के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

आपको बता दें कि अमित जेठवा की 2010 में हुई हत्या के मामले में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने भाजपा के पूर्व सांसद दीनू सोलंकी और छह अन्य को शनिवार को दोषी करार दिया था. जेठवा ने गिर वन रेंज में अवैध खनन गतिविधियों को सामने लाने का प्रयास किया था. 

अपराध शाखा द्वारा सोलंकी को क्लीनचिट दिए जाने के बाद गुजरात उच्च न्यायालय ने इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी थी. वर्ष 2009 से 2014 तक गुजरात के जूनागढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके सोलंकी को उनके चचेरे भाई शिव सोलंकी और पांच अन्य के साथ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों का दोषी माना.

दरअसल, जेठवा ने आरटीआई के जरिए दीनू सोलंकी की कथित संलिप्तता वाली अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने की कोशिश की थी. जेठवा ने एशियाई शेरों के वास स्थान गिर वन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी दायर की थी. 

मृतक के पिता भीखाभाई जेठवा के उच्च न्यायालय का रुख करने के बाद अदालत ने मामले की नए सिरे से जांच का आदेश दिया था. उन्होंने उच्च न्यायालय से कहा था कि आरोपियों द्वारा दबाव डालने और भयादोहन करने के चलते करीब 105 गवाह मुकर गए.


 



loading...