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सार्वजनिक रूप से गवाही देंगे रॉबर्ट मूलर, जनता को बताएंगे कि ट्रंप को जिताने में रूस ने कैसे मदद की थी

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अमेरिका के विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मूलर सार्वजनिक रूप से 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल की अपनी रिपोर्ट पर गवाही देंगे. वह 17 जुलाई को पहले जनता के सामने अपनी बात रखेंगे और फिर हाउस ज्यूडिशियरी एंड इंटेलिजेंस कमेटी के सामने पेश होंगे. मूलर द्वारा इस मामले में करीब 22 महीने तक की गई जांच पर उनसे सवाल पूछे जाएंगे.

एडम शिफ और हाउस ज्यूडिशियरी के चेयरमैन ने संयुक्त बयान में कहा, "अमेरिका की जनता ने मांग की है कि वह विशेष अधिवक्ता को सीधे सुनना चाहती है कि ताकि वह समझ सके कि उन्होंने और उनकी टीम ने क्या जांच की, रूस ने हमारे लोकतंत्र पर कैसे हमला किया, राष्ट्रपति ट्रंप और उनके सहयोगियों ने जांच में कैसे बाधा डाली."

शिफ ने इस मामले में ट्वीट भी किया है. उनका कहना है, "रॉबर्ट मूलर कांग्रेस के सामने गवाही के लिए सहमत हो गए हैं. रूस ने ट्रंप को जिताने कि लिए हमारे लोकतंत्र पर हमला किया. ट्रंप ने उस मदद को सराहा और इस्तेमाल किया. जैसा कि मूलर ने कहा था, जिससे हर अमेरिकी को चिंतित होना चाहिए. अब, हर अमेरिकी मूलर से सीधे सुनेगा."

ये रिपोर्ट 448 पेज की है. जिसमें 74 साल के मूलर ने लिखा है, "रूस की सेना के अधिकारियों ने डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी." ये रिपोर्ट 18 अप्रैल को कानून मंत्रालय को सौंपी गई थी. हालांकि उन्होंने रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि रूसी दखल के मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं.

इस रिपोर्ट में लिखा है कि ट्रंप ने रूसी दखल की जांच को नियंत्रित करने की कोशिश की है. ट्रंप ने मूलर को हटाने की कोशिश भी की. मूलर 2016 को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल की जांच कर रहे थे और न्याय विभाग में पदस्थ थे. उन्होंने इस पद से मई के आखिर में इस्तीफा दे दिया था.

इस जांच पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ये गैर-जरूरी है और उन्हें सत्ता से बेदखल करने की महज साजिश है. वहीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने भी कहा था कि रिपोर्ट से ये साफ है कि चुनाव के दौरान कोई साजिश नहीं हुई. वहीं कानून मंत्रालय ने भी ये बात स्वीकार की थी कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की गई थी.



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