68 वां ‘गणतंत्र दिवस’: देश के लिए लाया खुशहाली और समृद्धि

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हमारी मात्रभूमि कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार की गुलाम थी. उस वक्त अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीय लोगों को जबरन अपने कानून का पालन करने को कहा और ना मानाने वालों के साथ अत्याचार भी किया. कई सालों के संघर्ष के पश्चात भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों की कड़ी मेहनत और जीवन न्योछावर करने के बाद भारत को 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिली. स्वतंत्रता के ढाई वर्ष के बाद भारत सरकार ने खुद का संविधान लागू कर भारत को एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र घोषित किया. करीब 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन के बाद, 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया गया. इस घोषणा के बाद से इस दिन को हर साल भारतीय लोग गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे.

गणतंत्र दिवस को रिपब्लिक डे भी कहते हैं. भारतीय लोगों और दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय लोगों के लिए बहुत ही सम्मान की बात होती है. यह दिन सभी भारतीय लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन होता है और सभी लोग बहुत ही ख़ुशी और उत्साह के साथ इस दिन को मनाते हैं. लोग इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं और कई दिन पहले से ही इसकी तैयारी करने में जुट जाते हैं. गणतंत्र दिवस के उत्सव के दिन राजपथ में एक महीने से तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं. इंडिया गेट के रास्ते को सुरक्षा के नज़रिए से बंद कर दिया जाता है ताकि किसी भी प्रकार की आक्रामक गतिविधियाँ ना हो सकें.

उत्सव: भारत की राजधानी दिल्ली और सभी राज्यों के राजधानी में इस उत्सव को बहुत ही बड़े पैमाने पर मनाया जाता है. उत्सव के दिन सबसे पहले भारतीय तिरंगे या राष्ट्रीय ध्वज को भारत के राष्ट्रपति फहराते हैं उसके बाद भारत का राष्ट्र गान “जन गन मन” गया जाता है. इसके बाद कार्यक्रम शुरू होते हैं जैसे भारतीय सेना की परेड, सभी राज्यों की संस्कृति को दर्शाते हुईं झांकियां और भारत की शक्ति को दर्शाती मिसाइल, सांस्कृतिक और देशभक्ति गीतों पर नृत्य और अंत में कई प्रकार के पुरस्कार वितरण किये जाते हैं.

स्कूल और कॉलेज के छात्र भी इस उत्सव को मनाने के लिए उत्सुक रहते हैं इसलिए वे भी एक महीने पहले से इसकी तैयारियों में जुट जाते हैं. जिन भी छात्रों ने शैक्षणिक सत्र में खेल, पढ़ाई या अन्य कार्यक्रमों में अच्छा प्रदर्शन किया हो, उन्हें इस दिन पुरस्कार और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाता है. घरों में लोग इस दिन को अपने दोस्तों, परिवार वालों और बच्चों के साथ मनाते हैं. सभी भारतीय लोग इस दिन 8 बजे अपने टीवी पर राजपथ पर होने वाले समारोह को देखने के लिए तैयार रहते हैं. इस सम्मान के दिन पर हर भारतीय व्यक्ति यह प्रण लेता है कि वो अपने संविधान की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेगा और देश में शांति-सद्भाव बनाये रखेगा ताकि इससे देश को विकसित बनाने में मदद मिले.



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