रिलायंस समूह का राहुल गांधी पर पलटवार, पूछा- UPA सरकार में कैसे मिले थे करोड़ों के ठेके

2019-05-06_AnilRahul.jpg

रिलायंस समूह ने अपने प्रमुख अनिल अंबानी को राजनीतिक साठगांठ से काम करने वाला पूंजीपति बताने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयानों को रविवार को खारिज किया. रिलायंस ने रविवार को कहा कि मनमोहन सरकार के दौरान भी ग्रुप को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के ठेके मिले थे. रिलायंस ने पूछा है कि क्या उस समय कांग्रेस सरकार क्रोनी कैपिटलिस्टों और बेइमान व्यापारियों की मदद कर रही थी?

समूह ने कहा कि राहुल उनके खिलाफ अपने ‘ मिथ्याचार, दुष्प्रचार और दुर्भावना प्रेरित झूठ’ फैला रहे हैं. आपको बता दें कि राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाते रहे हैं. उन्होंने हाल ही में अनिल अंबानी को क्रोनी कैपिटलिस्ट और बेईमान बताया था. रिलायंस ने कहा कि हमारे चेयरमैन पर क्रोनी कैपिटलिस्ट और बेईमान बिजनेसमैन होने का आरोप झूठा है. 

रिलायंस समूह की तरफ से बयान में कहा गया, ‘‘राहुल गांधी हमारे समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी पर क्रोनी कैपिटलिस्ट होने और बेईमान कारोबारी होने का आरोप लगाया है...ये सभी निश्चित तौर पर असत्य बयान हैं’.’ समूह ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में 2004 से 2014 के बीच उसे बिजली, दूरसंचार, सड़क, मेट्रो आदि जैसे विविध बुनियादी संरचना क्षेत्रों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के ठेके मिले.

बयान में कहा गया, ‘‘राहुल के ही शब्दों को अधार बनाकर रिलायंस समूह इस मौके पर उनसे यह स्पष्ट करने का अनुरोध करता है कि क्या उनकी अपनी सरकार 10 साल तक एक कथित क्रोनी कैपिटलिस्ट और बेईमान कारोबारी की मदद कर रही थी.’’



loading...