ताज़ा खबर

RBI ने बढ़ाई ब्याज दरें, महंगा होगा होम लोन व बढ़ जाएगी ईएमआई, रेपो रेट-रिवर्स रेपो रेट में 0.25% बढ़ोत्तरी

2018-06-06_repo-rate-rbi-india.jpg

आरबीआई ने साढ़े चार साल बाद रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25% का इजाफा किया है। रेपो रेट 6% से बढ़ाकर 6.25% कर दी गई है। रिवर्स रेपो रेट अब 5.75% से बढ़कर 6% हो गई है। इससे होम और कार लोन महंगे हो सकते हैं। सोमवार से बुधवार तक चली आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक में ये फैसला लिया गया। इससे पहले मौद्रिक नीति की लगातार 4 समीक्षा बैठकों में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। पिछली बैठक 4-5 अप्रैल को हुई थी।

रिजर्व बैंक ने कहा कि अप्रैल से सितंबर के बीच महंगाई 4.8 फीसदी से 4.9 फीसदी रहने का अनुमान है। अक्टूबर से मार्च के बीच महंगाई घटकर 4.7 फीसदी रह सकती है। महंगाई पर होम रेंट अलाउंस का असर होगा। रिजर्व बैंक ने वित्तवर्ष 2019 के लिए विकास दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। विकास दर अप्रैल से सितंबर के बीच 7.5 फीसदी से 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। 

RBI ने अपनी कर्ज नीति का ऐलान करते हुए अफोर्डेबल होम लोन की सीमा भी बढ़ा दी है। अब महानगर में होम लोन की सीमा 28-35 लाख कर दी गई है। वहीं मेट्रो शहर में होम लोन 20 से बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है। 

इससे पहले RBI ने जनवरी 2014 में आखिरी बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी। उस समय ये 8 फीसदी पर थी। इसके बाद से इसमें कई बार कमी की गई। रिजर्व बैंक महंगाई देखकर नीतिगत दरों पर फैसला करता है। अगर देश में महंगाई ज्यादा है तो दरों में कटौती नहीं की जाती है। महंगाई को नियंत्रण में रखना रिजर्व बैंक का प्रमुख काम है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण महंगाई में बढ़ोतरी हो रही है।

एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई समेत कई दूसरे बैंकों ने आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू के पहले ही 0.10% से 0.20% तक रेट बढ़ा दिए थे। ये 1 जून से लागू हैं। बता दें कि बैंक अपनी तरफ से लोन और जमा पर ब्याज दरें बढ़ाने या घटाने के लिए स्वतंत्र हैं।

रेपो रेट क्या है ?
जिस दर पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट घटने से लोन सस्ता होने की उम्मीद बढ़ती है

रिवर्स रेपो रेट क्या है ?
बैंकों को अपने जमा पर आरबीआई से मिलने वाली ब्याज दर। बाजार में कैश फ्लो ज्यादा होने पर आरबीआई रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता है। रिवर्स रेपो रेट बढ़ने पर बैंक आरबीआई के पास ज्यादा नकदी जमा करते हैं।



loading...