खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मिले बजरंग पुनिया, कहा- सही जवाब नहीं मिला तो कोर्ट जाऊंगा

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एशियाड और कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान बजरंग पुनिया खेल रत्न पुरस्कार के लिए नहीं चुने जाने से नाराज हैं. उन्होंने इस मामले में केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मिलकर अपना पक्ष रखा. बजरंग का कहना है कि यदि शुक्रवार शाम तक सरकार की ओर से अनुकूल जवाब नहीं मिलता है तो उन्हें मजबूरी में अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा. सरकार ने खेल के सबसे बड़े पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और महिला रेसलर मीराबाई चानू को चुना है.

खेल मंत्रालय के सूत्र ने बताया कि मंत्री शायद ही आखिरी वक्त में बजंरग का नाम शामिल करें. खेल मंत्री ने बजरंग को बता दिया है कि उनका नाम क्यों नहीं शामिल हुआ. 25 सितंबर को पुरस्कार समारोह है ऐसे में सूची में उनका नाम शामिल किया जाना असंभव ही है.

बजरंग ने कहा, मुझे आज खेल मंत्री से मिलना था, लेकिन मुझे कल शाम ही मुलाकात के लिए बुलाया गया. मैंने उनसे मुझे खेल रत्न नहीं दिए जाने का कारण पूछा. उन्होंने कहा कि मेरे पास पूरे प्वाइंट नहीं थे, जो कि गलत है. मेरे पास खेल रत्न के लिए चुने गए दोनों खिलाड़ियों कोहली और चानू से ज्यादा प्वाइंट हैं.

बजरंग ने कहा, मेरे साथ नाइंसाफी हुई है. मैं न्याय चाहता हूं. खेल मंत्री ने मुझसे कहा है कि वे मामले का पता लगाएंगे, लेकिन पुरस्कार समारोह में अब बहुत कम समय बचा है. मैं सरकार की ओर से जवाब मिलने का आज शाम तक इंतजार करूंगा, यदि मुझे अनुकूल जवाब नहीं मिलता है तो फिर कल अदालत की शरण लूंगा.



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