सीएम वसुन्धरा राजे ने 55 पॉक्सो कोर्ट को दी स्वीकृति, अब यौन अपराधियों को जल्द मिल सकेगी सजा

राहुल गांधी ने रोड शो में दिखाया दमखम, थोड़ी देर बाद कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित

BJP विधायक ज्ञानदेव आहूजा का एक और विवादित बयान- नेहरू नहीं थे पंडित, गाय और सुअर खाते थे

अलवर में अतिक्रमण हटवाने के लिए तहसीलदार को लट्ठ दिखाकर जबरन लाई महिलाएं

किकी चैलेंज से लोगों को दूर रखने के लिए राजस्थान पुलिस ने जिस व्यक्ति को मृत बताया वह जिंदा निकला

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने अलवर लिंचिंग को लेकर सरकार पर बोला हमला, कहा- यह पीएम का ‘क्रूर न्यू इंडिया’, बीजेपी बोली आप नफरत के सौदागर

राजस्थान के पिलानी में 24 घंटे में 5 इंच पानी गिरा, मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत 4 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

2018-08-02_RajasthanPoscoCourt.jpg

मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने प्रदेश में 55 पॉक्सो कोर्ट खोले जाने की स्वीकृति दी है. इससे बाल यौन उत्पीड़न के अपराधियों को शीघ्र सजा दिलवाई जा सकेगी. यह कोर्ट प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित किए जाएंगे. जिनमें से हर जिले मे कम से कम एक पॉक्सो कोर्ट होगी. मामलों की तुरंत सुनवाई के लिए अब प्रदेशभर में कुल 56 पॉक्सो कोर्ट होंगी जिनमें से एक कोर्ट पहले ही स्थापित की जा चुकी है. 

राज्यभर में खुलने वाले इन नए न्यायालयों के लिए कुल 660 पद सृजित किए गए हैं. स्वीकृति के अनुसार बीकानेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर जिला, जालौर, जैसलमेर, झुंझुनूं, करौली, मेड़ता, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरोही, जोधपुर जिला तथा टोंक में एक-एक पॉक्सो कोर्ट स्थापित की जाएंगी.

इसी प्रकार अजमेर क्रम संख्या-2, अलवर क्रम संख्या-2, अलवर क्रम संख्या-3, अलवर क्रम संख्या-4, बारां क्रम संख्या-2, भरतपुर क्रम संख्या-2, भीलवाड़ा क्रम संख्या-2, बूंदी क्रम संख्या-2, जयपुर महानगर क्रम संख्या-2, जयपुर महानगर क्रम संख्या-3, जयपुर महानगर क्रम संख्या-4, जयपुर महानगर क्रम संख्या-5, जयपुर महानगर क्रम संख्या-6, झालावाड़ क्रम संख्या-2, कोटा क्रम संख्या-2, कोटा क्रम संख्या-3, कोटा क्रम संख्या-4, कोटा क्रम संख्या-5, पाली क्रम संख्या-2, पाली क्रम संख्या-3 और उदयपुर क्रम संख्या-2 में भी एक-एक पॉक्सो कोर्ट खोली जाएंगी.

पॉक्सो कोर्ट खोलने की मंजूरी मिलने पर महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि इससे बाल यौन उत्पीड़न की शिकायतों में कमीं आएगी और अपराधियों को तुरंत सजा मिल सकेगी. इससे प्रदेश में पिछले काफी वक्त से अटके हुए केस की सुनवाई में भी तेजी होगी और पिड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल पाएगा.



loading...