लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद 10 जुलाई को अमेठी जायेंगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी

यूपी: होमगार्डों की फर्जी हाजिरी और वेतन निकासी में करोड़ों का घोटाला, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी

अयोध्या फैसले के दिन यूपी में हत्या, लूट, अपहरण, डकैती की नहीं हुई कोई भी वारदात, अधिकारियों को भी नहीं हो रहा यकीन

योगी सरकार ने सरकारी राशन की दुकानों पर कंडोम और सैनेटरी पैड बेचने की दी अनुमति

Ayodhya Verdict: हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं: जफरयाब जिलानी

Ayodhya Verdict: इकबाल अंसारी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उसका सम्मान करेंगे, हिन्दू-मुस्लिम विवाद खत्म हो जाएगा

अयोध्या पर फैसले से पहले CJI रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और DGP के साथ की बैठक

2019-07-08_RahulGandhi.jpeg

लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस में काफी निराशा है. मोदी लहर का जादू देशभर में इस कदर छाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने गढ़ अमेठी को भी नहीं बचा सकें और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने यहां भारी वोटों से जीत दर्ज कर मात दी.

ऐसे में हार के बाद राहुल गांधी पहली बार अमेठी के दौरे पर जाने वाले हैं. राहुल गांधी अमेठी के एक दिवसीय दौरे पर 10 जुलाई को रवाना होंगे. राहुल गांधी के इस दौरे के कई मायने निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस दौरे के जरिए राहुल गांधी अपनी गलती सुधारना चाहते हैं. तो वहीं कुछ लोगों का मानना है कि राहुल गांधी अपने इस दौरे के जरिए अमेठी की जनता को संदेश देंगे कि भले ही वो हार गए हो लेकिन फिर भी अमेठी की जनता से गांधी परिवार का लगाव बरकरार है. उत्तर प्रदेश के सियासी नजरिए से भी राहुल गांधी का ये दौरे बेहद अहम माना जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी सबसे पहले दिल्ली से लखनऊ जाएंगे फिर सड़क मार्ग के जरिए अमेठी पहुंचेंगे. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी अमेठी के गौरीगंज में स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में अमेठी में कांग्रेस की राजनीति को लेकर मंथन होगा.

आपको बता दें, राहुल गांधी ऐसे समय में अमेठी का दौरा कर रहे हैं जब हाल ही में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है और उनके साथ-साथ बाकी पार्टी नेता भी अपने-अपने इस्तीफे के साथ सामने आ रहे हैं. वहीं राहुल गांधी के इस्तीफे के साथ ही पार्टी के नए अध्यक्ष के लिए भी तलाश शुरू हो गई है .

आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पूरे देश में 421 उम्मीदवारों को उतारा था, लेकिन इसमें से केवल 52 ही जीत सके. यह लगातार दूसरी बार है, जब पार्टी ने इतना खराब प्रदर्शन किया है. कांग्रेस ने सबसे अधिक 15 सीटें केरल में और पंजाब-तमिलनाडु में आठ-आठ सीटें जीती हैं. चुनाव में हारने वाले नेताओं में कांग्रेस कार्यकारिणी में शामिल चार नेता भी हैं, जो कि पार्टी की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाई है.

वहीं अमेठी की बात करें तो बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को 55,120 वोटों से परास्त कर इस सीट पर भगवा परचम लहरा दिया. केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस सीट से दूसरी बार प्रत्याशी थीं. राहुल गांधी यहां से चौथी बार चुनाव मैदान में थे. 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल ने स्मृति को 1,07,000 वोटों के अंतर से हराया था. इस बार स्मृति ने बाजी पलट दी.



loading...