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सोनभद्र जिले के उभ्भा गांव में हुए नरसंहार में मृतकों के परिजनों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने शुक्रवार को रोका लिया था. जिसके बाद प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गई थीं. इसी दौरान शनिवार को पीड़ित परिवार की 5 महिलाएं प्रियंका गांधी से मिलने चुनार पहुंचीं. प्रियंका गांधी ने पीड़ितों की तकलीफ सुनकर उन्हें ढांढस बंधाया. साथ ही कमरे में पीड़ितों के साथ बैठक की. 

बैठक के बाद पीड़ितों के साथ बाहर आईं प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरा मकसद पूरा हुआ और हमारी कुछ मांगे हैं. 25 लाख मुआवजा दिया जाए, मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए, पीड़ितों को जमीन का मालिकाना हक मिले और निर्दोषों पर किए गए झूठे मुकदमे वापस लिया जाए. कांग्रेस भी पीड़ितों की आर्थिक मदद करेगी.

प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि पीड़ित परिवारों को मेरे से मिलने से रोका जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रसाशन पीड़ित परिवारों को गेस्ट हाउस में अंदर नहीं आने दे रहा है. उन्होंने कहा कि सोनभद्र नरसंहार के पीड़ितों के परिवार को दो सदस्यों से मेरी मुलाकात हुई हैं, जबकि 15 और लोग मेरे से यहां मिलने आए थे, लेकिन प्रशासन ने मेरी न तो उनसे मुलाकात कराई और न ही उनसे मिलने की अनुमति दी गई. योगी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भगवान जानें उनकी मानसिकता क्या है.

योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मुझे मिलाने में इतनी देरी क्यों की गई? क्यों प्रशासन ने  इन पीड़ितों की तुरंत मदद नहीं की? उन्होंने फिर वहीं बात दोहराई की सभी पीड़ित परिवारों से मिले बिना वह वापस यहां से नहीं जाएंगीं.  

प्रियंका गांधी ने अपने टि्वटर अकाउंट पर ट्वीट करते हुए कहा- उप्र सरकार ने ADG वाराणसी बृजभूषण, वाराणसी कमिश्नर दीपक अग्रवाल, कमिश्नर मीरजापुर, DIG मीरजापुर को मुझे ये कहने के लिए भेजा कि मैं यहां से पीड़ित परिवारों से मिले बग़ैर चली जाऊं. सब एक घंटे से मेरे साथ बैठे हैं. न मुझे हिरासत में रखने का कोई आधार दिया है न कागज़ात दिए. प्रियंका गांधी ने कहा, मैंने इनसे मेरे वकीलों के मुताबिक मेरी गिरफ़्तारी हर तरह से गैर-क़ानूनी है. मुझे इन्होंने सरकार का संदेश दिया है कि मैं पीड़ित परिजनों से नहीं मिल सकती. मैंने यह स्पष्ट करते हुए कि मैं किसी धारा का उल्लंघन करने नहीं बल्कि पीड़ितों से मिलने आयी थी. मैंने सरकार के दूतों से कहा है कि बग़ैर मिले मैं यहाँ से वापस नहीं जाऊंगी.

तृणमूल कांग्रेस ने सोनभद्र में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने की ऐसे समय घोषणा की है, जब शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को वहां जाने से रोककर हिरासत में ले लिया गया. तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन की अगुवाई में प्रतिनिधिदल सोनभद्र जिले के उभ्‍भा गांव जाएगा. प्रतिनिधिमंडल में सांसद सुनील मंडल, अबीर रंजन विश्वास और उमा सोरेन भी शामिल होंगे.


 



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