त्रिपुरा के सीएम के आरोपों का दिया प्रसार भारती ने जवाब

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त्रिपुरा के सीएम माणिक सरकार ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त के दिन उनकी स्पीच को प्रसार भारती ने ब्रॉडकास्ट नहीं होने दिया। इन आरोपों पर बुधवार को प्रसार भारती ने कहा, "त्रिपुरा सीएम की स्पीच आजादी की भावना के खिलाफ थी और ये ऐसे मौके पर दी जाने वाले स्पीच के स्टैंडर्ड की नहीं थी। ये पॉलिटिकल स्पीच ज्यादा थी।' सीपीएम के पोलित ब्यूरो और स्टेट कमेटी ने प्रसार भारती के इस कदम को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताया था। सीपीएम ने कहा, "ये कदम इमरजेंसी के दिनों की याद दिलाता है। ये सरकार की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।"

- प्रसार भारती ने कहा, "किसी भी मुख्यमंत्री के भाषण में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर सरकारी चैनल से जनता को स्पीच देने जा रहा हो तो उनकी स्पीच के कुछ हिस्से आजादी के जश्न की भावना के खिलाफ थे। ये राजनीति से ज्यादा प्रेरित लग रही थी।"

- प्रसार भारती ने कहा, "हमारे ऑफिशियल्स की एक टॉप कमेटी ने स्पीच के कंटेंट का रिव्यू किया और उनसे (माणिक सरकार) रिक्वेस्ट की कि इसमें कुछ बदलाव कर दीजिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।"

- "ऑफिशियल्स ने बताया कि प्रसार भारती के कुछ नियम-कायदे हैं और इस स्पीच मेंे कायदों को ताक पर रखे बिना कुछ नहीं किया जा सकता था। त्रिपुरा सीएम से रिक्वेस्ट की गई, लेकिन उन्होंने स्पीच में बदलाव करने से इनकार कर दिया। पब्लिक सर्वेंट होने के नाते हमारे कुछ कर्तव्य होते हैं और हमें नियमों का पालन करना होता है। सीएम का पद संवैधानिक होता है और शपथ लेते वक्त ही ये नियम लागू हो जाते हैं।"

- प्रसार भारती के डायरेक्टर जनरल संजीव दोसांझ को भेजे गए लेटर में असिस्टेंट डायरेक्टर प्रोग्राम्स (पॉलिसी) ने लिखा, "जिस मौके के लिए स्पीच को ब्रॉडकास्ट किया जा रहा है, उसकी गंभीरता और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए प्रसार भारती के सीईओ से भी चर्चा की गई। सबने मिलकर दिल्ली में ये फैसला लिया कि मौजूदा कंटेट के साथ स्पीच ब्रॉडकास्ट नहीं की जा सकती है।"

- सीपीएम स्टेट कमेटी ने राज्य में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट शुरू करने का फैसला किया है।

- पार्टी सेक्रेटरी बिजान धर ने आरोप लगाया, "केंद्र की बीजेपी सरकार ने संघीय नियमों का उल्लंघन किया है और देश को धर्म की दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रही है, इसे सहन नहीं किया जा सकता है।"

- त्रिपुरा कांग्रेस ने भी इस मसले पर माणिक सरकार का सपोर्ट किया है। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के कार्यक्रमों में दखलंदाजी कर रही है और ये संवैधानिक जनादेश और संघीय ढांचे को नजरंदाज करना है।

- त्रिपुरा बीजेपी के प्रेसिडेंट बिप्लब कुमार देब ने कहा, "त्रिपुरा के सीएम की ऐसी स्पीच की उम्मीद नहीं थी, इसमें एंटी इंडियंस की झलक थी। एक सीनियर लीडर और सीएम होने के नाते माणिक सरकार को ये पता होना चाहिए कि इंडिपेंडेंस डे के मौके पर क्या कहा जाना चाहिए। लोग ये जानना चाहते हैं कि देश के लिए उनका योगदान क्या है और भविष्य के लिए उनकी क्या योजनाएं हैं। लेकिन, पहले की ही तरह उन्होंने इस स्पीच को राजनीतिक बना दिया, जिसमें कोई नहीं सुनना चाहता कि कौन, क्या कह रहा है। ये साबित करता है कि माणिक सरकार ने अपने पद का राजनीति के लिए गलत इस्तेमाल किया।"



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