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प्रणब मुखर्जी के RSS कार्यक्रम में जाने पर आडवाणी ने की तारीफ, कहा- पूर्व राष्ट्रपति का जाना एतिहासिक घटना

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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के RSS के कार्यक्रम में शामिल होने को इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताया है. आडवाणी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत की भी जमकर तारीफ की. उन्होंवने कहा कि प्रणब मुखर्जी को न्योहता देकर आरएसएस ने काफी अच्छा काम किया. आडवाणी ने कहा कि दोनों के भाषणों में सामंजस्यफ और जीवंतता साफ नजर आ रही थी. बता दें कि आडवाणी भी संघ के स्व्यंसेवक रहे हैं.

आडवाणी ने कहा कि उनका मानना है मुखर्जी और भागवत ने वैचारिक संबद्धताओं और मतभेदों से आगे बढ़कर संवाद का एक प्रशंसनीय उदाहरण पेश किया. उन्होंने कहा, दोनों ने भारत की एकता की जरूरत को अपने भाषण में रेखांकित किया. आडवाणी लंबे समय तक बीजेपी के अध्यक्ष भी रहे हैं. RSS के कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि मोहन भागवत के नेतृत्व में RSS का विस्तार तमाम वर्गों तक हुआ. मुझे खुशी है कि उन्होंने संघ के लिए इतने प्रयास किए. एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना के साथ इस तरह का खुला संवाद निश्चित ही सहिष्णुता, सद्भाव और सहयोग का माहौल पैदा करने में मदद करेगा, जिसकी सभी को काफी जरूरत है.

लालकृष्ण आडवाणी ने पूर्व प्रेसीडेंट की तारीफ की और कहा कि RSS के न्योते को स्वीकार कर प्रणब मुखर्जी ने सद्भावना का परिचय दिया. उन्होंने कहा, सार्वजनिक जीवन में लंबे अनुभव और उनके स्वभाव ने मिलकर उन्हें एक ऐसा स्टेट्समैन बना दिया है जो यह मानता है कि तमाम वैचारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों के बीच संवाद और सहयोग बेहद जरूरी है. बता दें कि प्रणब मुखर्जी को कार्यक्रम में शामिल होने से पहले कई लोगों द्वारा सलाह दी गई थी कि वे RSS के कार्यक्रम में शामिल न हों. आडवाणी ने कहा, मुझे इस बात की खुशी है कि प्रणब बाबू के साथ संसद के भीतर और बाहर काम करने का मौका मिला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति बनने से पहले बतौर सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं.



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