कविता: फेसबुक की सफाई

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बेटा, आज तू फैन साफ़ कर देना,

देख दीवाली की सफ़ाई सबकी हो गयी।

माँ, मेरी तो इतनी फैन फॉलोइंग भी नहीं,

जो फैन हैं उनको साफ़ कर देता हूँ।

चल हट बदमाश है तू तो,

मैं अपनी प्यारी सी बेटी से बात करूँगी बस।

बिटिया  फैन तो ये उल्लू साफ़ कर लेगा तू वॉल साफ़ कर दे,

अच्छा माँ अभी फेसबुक वॉल से सारे नोटिफिकेशन साफ़ कर देती हूँ।

हे भगवान ये बच्चे भी ना,

मेरे पति ही मेरे अपने हैं बस।

सुनो, तुम आज सफाई करवा रहे हो ना,

हाँ मेरी मजदूरन अभी लिखता हूँ इस पर नई कविता।

क्या करूँ तुम्हारा? जाओ मैं बात नहीं करती,

 तुम सबसे, सुडोकू खेल लूँ इससे अच्छा तो।

अरे नहीं ना, मज़ाक कर रहा था,

पहले नाश्ता हो जाये।

जी नहीं अभी रुको मैं पहले मास्टर शेफ में नई डिशेज बनाने के तरीके देख लूँ।

                                                                                             योगेंद्र खोखर



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