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गोधरा कांड: नानावटी कमीशन ने विधानसभा में पेश की फाइनल रिपोर्ट, पीएम मोदी को क्लीन चिट

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गुजरात के गोधरा में साल 2002 में हुए ट्रेन हादसे को लेकर गठित नानावती आयोग रिपोर्ट का दूसरा भाग आज विधानसभा में पेश हुआ. आयोग ने सितंबर 2008 में गोधरा कांड पर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट पेश की थी. इसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी गई है. 

आपको बता दें कि 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में 59 कारसेवकों को जलाने की घटना के प्रतिक्रियास्वरूप समूचे गुजरात में दंगे भड़क उठे थे. इसकी जांच के लिए तीन मार्च 2002 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट सेवानिवृत्त जज न्यायमूर्ति जीटी नानावती की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया. न्यायमूर्ति केजी शाह आयोग के दूसरे सदस्य थे. 2009 में केजी शाह के निधन के बाद अक्षय मेहता को सदस्य बनाया गया.

शुरू में आयोग को साबरमती एक्सप्रेस में आगजनी से जुड़े तथ्य और घटनाओं की जांच का काम सौंपा गया था. लेकिन जून 2002 में आयोग को गोधरा कांड के बाद भड़की हिंसा की भी जांच करने के लिए कहा गया. पहले पेश की गई रिपोर्ट में आयोग ने साबरमती एक्सप्रेस की बोगी संख्या-छह में आग लगाने को सुनियोजित साजिश का परिणाम बताया था.
 



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