पीएम मोदी ने कहा- विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन केवल प्रधानमंत्री बनने की होड़, मेरे प्रति नफरत से टिका गठबंधन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए भरोसा जताया कि लोकसभा चुनाव, 2019 में लोग भाजपा को ही जिताएंगे. कांग्रेस अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है. विपक्ष का महागठबंधन प्रधानमंत्री बनने की महा-दौड़ है. उनके एजेंडा में मोदी से नफरत के अलावा कुछ नहीं है. यह गठबंधन सत्ता के लालच में बना है.

कांग्रेस क्षेत्रीय पार्टी बनकर रह गई है. कांग्रेस किसी गठबंधन को ज्यादा समय तक बनाए नहीं रख पाएगी. अगले लोकसभा चुनाव में लोगों को सुशासन व विकास और अराजकता में किसी एक को चुनना है. पीएम ने स्वराज्य पत्रिका को दिए साक्षात्कार में कर्नाटक का जिक्र करते हुए कहा कि सूबे में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने जनादेश को किनारे कर सरकार बनाई और विकास को दरकिनार कर दिया.

किसी भी चुनाव में बिना विचारधारा वाला मौकापरस्त गठबंधन अराजकता ही पैदा करता है. कर्नाटक इसका उदाहरण है. आप उम्मीद करेंगे कि मंत्री विकास के मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक करें, लेकिन कर्नाटक में आपसी लड़ाई को सुलझाने के लिए बातचीत हो रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने विकास और सुशासन के मुद्दे पर चुनाव लड़े और एक के बाद एक राज्य में ऐतिहासिक जीत हासिल की. भरोसा है कि लोग भाजपा पर फिर विश्वास जताएंगे. मोदी को हटाना ही विपक्ष का इकलौता मकसद है. विपक्षी एकता मोदी से नफरत पर टिकी है. 
मोदी ने मौजूदा महागठबंधन की तुलना 1977 और 1989 के गठबंधन से करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि 1977 में गठबंधन का मकसद आपातकाल के कारण संकट में पड़े लोकतंत्र की रक्षा करना था. इसके बाद 1989 में बोफोर्स के रिकार्ड-तोड़ घोटाले के खिलाफ विपक्ष एकजुट हुआ था. आज के गठबंधनों का मकसद राष्ट्रहित के बजाय निजी हित है. 

मोदी ने कहा कि विपक्ष का पूरा ध्यान सत्ता पर फिर कब्जा करने पर है. राहुल गांधी कहते हैं कि वह प्रधानमंत्री बनने को तैयार हैं, जबकि ममता बनर्जी खुद प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं. ममता बनर्जी से वामदलों को दिक्कत है. समाजवादी पार्टी को लगता है कि उनके नेता पीएम पद के ज्यादा हकदार हैं. विपक्ष का ध्यान जनता की तरक्की के बजाय सत्ता की राजनीति पर है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह कोई शहंशाह या राजशाही शासक नहीं हैं. वह गलियों और सड़कों पर खड़े लोगों की गर्मजोशी देखने के बाद कार में बैठे नहीं रह सकते. उन्हें लोगों के बीच जाने और उनसे बात करके ऊर्जा मिलती है. गौरतलब है कि हाल में गृह मंत्रालय ने जान को खतरा बताते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है. एसपीजी ने भी उन्हें रोडशो के बजाय जनसभाएं करने की सलाह दी थी. पीएम ने कहा, जब मैं दौरों पर जाता हूं और हर उम्र व वर्ग के लोगों को मेरे स्वागत के लिए इंतजार करते देखता हूं तो खुद को उनके बीच जाने से नहीं रोक पाता हूँ.



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