असम-ग्लोबल इन्वेसर्न्स समिट: पीएम ने कहा- लोगों को जोड़ रही एक्ट ईस्ट पॉलिसी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां असम की पहली ग्लोबल इन्वेसर्न्स समिट का इनॉगरेशन कर दिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि असम तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। एक्ट ईस्ट पॉलिसी लोगों को जोड़ रही है। बता दें कि दो दिन चलने वाली इस समिट के जरिए इन्वेस्टर्स को राज्य की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और जियो-स्ट्रैटेजिक फायदों के बारे में बताया जाएगा। इसके जरिए उन्हें राज्य में इन्वेस्टमेंट के लिए इन्वाइट किया जाएगा। इसमें 4500 रिप्रेजेंटिव्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ बदले या न बदले, लेकिन लोगों की सोच बदली है। मेरा मानना है कि इंफाल से लेकर गुवाहाटी तक और कोलकाता से पटना तक पूर्वी भारत के विकास का नया केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि आसियान-इंडिया भागीदारी भले ही 25 साल पुरानी हो, लेकिन आसियान के सदस्य देशों के साथ हमारे संबंध हजारों साल पुराने हैं।

असम सरकार यह समिट फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की मदद से कर रही है।  इसका मकसद साउथ एशियाई देशों के लिए राज्य को भारत का एक्सप्रेस-वे बनाना है। राज्य में एग्रीकल्चर, और फूड प्रोसेसिंग, ऑर्गनिक फार्मिंग, बांस, हैंडिक्राफ्ट, कपड़ा और वॉटर ट्रांसपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है।

असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, ''4,500 रिप्रेजेंटेटिव्स ने इस समिट में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें 16 देशों के रिप्रेजेंटेटिव्स शामिल हैं।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नॉर्थ-ईस्ट की तरक्की के लिए खासतौर पर ध्यान दे रहे हैं और इसके लिए उन्होंने कई कदम भी उठाए हैं।

इस समिट में केंद्रीय मंत्रियों में से नितिन गडकरी, सुरेश प्रभु, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान, जितेंद्र सिंह, किरण रिजिजू के शामिल होने की उम्मीद है।

विदेशी मेहमानों में बांग्लादेश के उद्योग मंत्री अमीर हुसैन अमु, म्यांमार के व्यापार मंत्री थान मिंट, लाओ के सूचना संस्कृति और टूरिज्म मंत्री ओनेथॉन्ग खोपन शामिल हैं। इनके अलावा अमेरिका, वियतनाम, यूएई, नीदरलैंड, नेपाल, कोरिया, जापान, इजरायल, इंडोनेशिया, जर्मनी, चेक रिपब्लिक और कनाडा जैसे देशों के डिप्लोमैट और कारोबार से जुड़े नुमाइंदे को भी इनवाइट किया गया है।

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